
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के अंतर्गत धार रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ियों से सामग्री उतारने और चढ़ाने के लिए प्लेटफार्म नंबर 3 (गुड्स प्लेटफार्म) बनाया गया है, लेकिन दिसंबर में रेल सेवा शुरू होने के बाद भी इसका उपयोग नहीं हो सकेगा।
इसकी प्रमुख वजह प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग का निर्माण नहीं होना है। स्थिति ये है कि यहां तक भारी वाहनों और ट्रकों के आवागमन के लिए अब तक रास्ता ही तैयार नहीं किया गया है। इतना ही नहीं, इस मार्ग के निर्माण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
हाल ही में रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के दौरान यह गंभीर खामी सामने आई है। ऐसे में करोड़ों रुपये की रेल परियोजना के तहत प्लेटफार्म का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसके उपयोग के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्था नहीं की गई।
जब तक यहां तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग तैयार नहीं होता, तब तक माल परिवहन से जुड़ी गतिविधियां शुरू नहीं हो पाएंगी। इसका सीधा असर रेलवे के साथ ही क्षेत्र के व्यापारियों पर भी पड़ सकता है। मालगाड़ियों के माध्यम से औद्योगिक और व्यावसायिक सामग्री के परिवहन की जो उम्मीद जताई जा रही है, वह फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के टीही-धार रेलखंड पर नवनिर्मित बड़ी रेल लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। लगभग 47 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड का निरीक्षण परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रेल सुरक्षा आयुक्त की स्वीकृति मिलने के बाद इस रेलखंड पर रेल परिचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, टीही-धार रेलखंड शुरू होने से इंदौर, पीथमपुर और धार क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। विशेष रूप से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को इसका लाभ मिलने की संभावना है। यहां आटोमोबाइल, आटो कंपोनेंट्स, वाणिज्यिक वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग, टायर, फार्मास्युटिकल, केमिकल और प्लास्टिक आधारित अनेक उद्योग स्थापित हैं। रेल संपर्क बढ़ने से इन उद्योगों को माल परिवहन की बेहतर सुविधा मिल सकती है, लेकिन धार में गुड्स प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने से फिलहाल इस सुविधा का लाभ मिलना मुश्किल है। टीही-धार रेलखंड शुरू होने से यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
धार और आसपास के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों के साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सकता है। मालवा क्षेत्र के साथ आसपास के आदिवासी अंचलों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है। हालांकि, यात्री रेल सेवा शुरू होने की तैयारियों के बीच गुड्स प्लेटफार्म तक पहुंच मार्ग नहीं बनना रेलवे की कार्ययोजना और समन्वय पर सवाल खड़े कर रहा है।
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