
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार में चल रहे कामों की रफ्तार एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिस रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को पहले जुलाई तक तैयार करने का दावा किया जा रहा था, अब उसे वर्ष 2027 में चालू करने की बात कही जा रही है।
यानी लोगों को पुल के लिए अभी कई महीने और इंतजार करना होगा। इधर पुल का काम चलने के कारण वाहन सुनारखेड़ी के अंडरपास और डायवर्जन मार्ग से निकल रहे हैं, जहां सड़क की हालत पहले ही वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रही है। वर्षा के दौरान इस मार्ग पर 500 मीटर में 60 से 70 गड्ढे परेशानी का कारण बने हुए हैं।
नागदा-गुजरी फोरलेन पर बन रहे आरओबी पर गर्डर लान्चिंग का काम पूरा कर लिया गया है। अब रैंप बनाने का काम चल रहा है। करोड़ों रुपए की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई लगभग 550 मीटर है। पुल में कुल 26 पिलर बनाए जा रहे हैं, जिनमें अधिकांश का निर्माण पूरा हो चुका है। पुल को घुमावदार डिजाइन दिया गया है और इसमें करीब 45 डिग्री का मोड़ रखा गया है। फिलहाल निर्माण पूरा होने में समय लग रहा है।
बता दें कि मार्च में पीथमपुर से धार के बीच पहली ट्रेन की टेस्टिंग के बाद परियोजना के काम में तेजी आने की उम्मीद जगी थी। इसके बावजूद आरओबी सहित कई हिस्सों में काम की गति को लेकर सवाल उठते रहे। नागदा-गुजरी मार्ग पर गर्डर लान्चिंग के दौरान कुछ दिनों तक नौगांव रोड भी बंद रखा गया था। भारी मशीनों और क्रेनों की मदद से गर्डर लगाए गए। फिलहाल सड़क खोल दी गई है, लेकिन पुल के ऊपर और आसपास निर्माण जारी है।
आरओबी निर्माण को लेकर पहले जुलाई तक पुल तैयार होने की बात कही गई थी। इसके बाद काम की धीमी गति के कारण समय आगे बढ़ता गया। अब अधिकारियों की ओर से 2027 में निर्माण पूरा होने की बात कही जा रही है। हालांकि निर्माण में तेजी आने के बाद अगले माह इसे चालू करने की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे में पुल कब वास्तव में वाहनों के लिए खुलेगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सुनारखेड़ी डायवर्जन मार्ग की हालत भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन से उतरते ही संकरी पुलिया और खराब सड़क सामने आती है। करीब 500 मीटर के हिस्से में वर्षा के बाद 60 से 70 गड्ढे हो गए हैं। कई जगह डामर उखड़ चुका है।
ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के चलते बनाए गए इस डायवर्जन मार्ग पर स्थायी सुधार के बजाय चेतावनी पट्टी लगाकर काम चलाया जा रहा है। सड़क पर गड्ढों के साथ धूल की समस्या भी बनी हुई है। वर्षा के समय कीचड़ और पानी भरने से परेशानी और बढ़ जाती है। पुल का काम पूरा होने तक लोगों को इसी मार्ग से आवाजाही करना है, लेकिन सड़क की स्थिति देखकर साफ है कि डायवर्जन भी किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है।
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