
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के अंतर्गत पीथमपुर-धार रेलखंड पर ट्रैक का निरीक्षण दूसरे दिन शनिवार को भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अधिकारियों के दल ने पीथमपुर से गुनावद तक ट्रॉली के माध्यम से रेलपथ का निरीक्षण किया।
इस दौरान ट्रैक की स्थिति, तकनीकी कमियों और सुरक्षा संबंधी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। दूसरी ओर, अब इस रेलखंड पर 2 नवंबर को सामान्य इंजन और 3 नवंबर को हाई स्पीड इंजन से ट्रॉयल होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में गति परीक्षण के लिए अभी दो दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
धार से पीथमपुर के बीच रेलखंड को ट्रॉयल के लिए तैयार करने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। एक ओर इंजन के माध्यम से ट्रैक की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पैकिंग मशीन भी इसी रेलखंड पर काम कर रही है। इन सबके बीच अधिकारियों का दल ट्रॉली से निरीक्षण कर ट्रैक की तकनीकी स्थिति का आकलन कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान एक गंभीर पहलू भी सामने आया है। क्षेत्र में रेलवे की ओर से लगातार चेतावनी देने और उद्घोषणा करने के बावजूद कुछ स्थानों पर बच्चे पटरी पर खेलते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, लोग भी इधर-उधर से रेलपथ पार करते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति दुर्घटना की आशंका बढ़ा सकती है।
रेलवे के अनुसार, 30 अक्टूबर से ही इस क्षेत्र में पटरी पर रेल इंजन की आवाजाही शुरू हो चुकी है। ऐसे में रेलपथ पर खेलना या बिना सावधानी पटरी पार करना जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों को यह समझना होगा कि ट्रैक पर परीक्षण के दौरान भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रेलवे प्रशासन अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए उद्घोषणा सहित अन्य प्रयास कर रहा है। हालांकि, इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी इस दिशा में ध्यान देने की आवश्यकता है।
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