
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : धार से इंदौर तक यात्री ट्रेन का इंतजार अब एक अहम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। रेल सेवा शुरु होने से पहले रेलवे ट्रैक और निर्माण कार्यों की जांच तेज हो गई है। सोमवार को रेलवे अधिकारियों की टीम ने धार रेलवे स्टेशन से सागौर तक करीब छह घंटे ट्राली से निरीक्षण किया।
दोपहर 12 बजे शुरू हुई जांच शाम 6 बजे तक चली। इस दौरान पटरी से लेकर गिट्टी, पुल-पुलियाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी गई। जहां कमियां मिलीं, वहां सुधार के निर्देश दिए गए। अब मंगलवार को सागौर से पीथमपुर तक निरीक्षण होगा। इसके बाद सब कुछ तय मानकों पर खरा उतरने पर 29 और 30 अक्टूबर को रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के निरीक्षण की तैयारी है। ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद धार-इंदौर के बीच यात्री ट्रेन शुरू करने की दिशा में रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
रेलवे के मुख्य अभियंता (प्लानिंग) विकास कुमार सोमवार को धार रेलवे स्टेशन पहुंचे और निरीक्षण की शुरुआत की। स्टेशन परिसर में अधूरे पड़े कार्यों को देखकर उन्होंने इन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। संबंधित ठेकेदारों और एजेंसियों से निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ तय समयसीमा का पालन करने को कहा गया।
धार से निरीक्षण शुरू कर अधिकारियों की टीम उटावद और गुणावद होते हुए सागौर पहुंची। रास्ते में कई स्थानों पर अधिकारी ट्रॉली से उतरे और ट्रैक, गिट्टी, पुलों तथा पुलियाओं की स्थिति देखी। निर्माण कार्यों से जुड़ी तकनीकी बारीकियों की जांच करते हुए कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। ये निरीक्षण इसलिए अहम है, क्योंकि यात्री ट्रेन शुरु होने से पहले रेलखंड की सुरक्षा और निर्माण की स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।
मंगलवार, 13 अक्टूबर को सागौर से पीथमपुर तक ट्राली निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान टनल में ट्रैक बिछाने और अन्य संबंधित कार्यों की स्थिति भी देखी जाएगी। अधिकारियों की जांच के बाद सीआरएस निरीक्षण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रस्तावित निरीक्षण 29 और 30 अक्टूबर को होना है। इसके बाद रेलखंड को यात्री सेवा के लिए तैयार करने की दिशा में अगला कदम उठाया जा सकेगा।
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