
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार: धार के रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार का दिन वर्षों से रेल का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यादगार बन गया। अब तक जिस स्टेशन पर लोग केवल यात्री ट्रेनों के आने की कल्पना करते थे, वहां इंजन के साथ दो डिब्बों वाली ट्रॉयल ट्रेन दौड़ती दिखाई दी।
ट्रेन की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों की नजरें पटरियों पर टिक गईं। कई लोग अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को भी यह नजारा दिखाने पहुंचे। किसी ने मोबाइल में वीडियो बनाया तो किसी ने तस्वीरें लेकर इस ऐतिहासिक पल को सहेज लिया।
धार के लिए यह केवल एक ट्रॉयल ट्रेन का गुजरना नहीं, बल्कि जिले में रेल सुविधा शुरू होने की दिशा में बदलती तस्वीर का एहसास था। ट्रॉयल के दौरान ट्रेन धार से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टीही की ओर रवाना हुई। करीब 47 किमी का सफर उसने 26 मिनट में पूरा किया।
धार रेलवे स्टेशन पर इन दिनों तैयारियों का काम अंतिम दौर में है। परिसर में रंग-रोगन और पेंटिंग का काम किया जा रहा है। स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों को व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शुक्रवार को भी रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों में जुटे रहे। कहीं रंग-रोगन का काम चल रहा था तो कहीं व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा था। स्टेशन को यात्री आवागमन के अनुरूप तैयार करने के लिए अभी कुछ काम और किए जाने हैं। पीथमपुर, सागौर और गुणावद सहित इस रेलखंड के अन्य स्टेशनों पर भी सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।
धार जिले के लिए इंदौर से रेल संपर्क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास की नई संभावनाओं से जुड़ा विषय है। अब तक इंदौर जाने के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले लोगों को रेल सुविधा मिलने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ मिल सकेगा।
नई रेल लाइन से आदिवासी अंचल की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। ट्रायल ट्रेन के गुजरने के बाद अब लोगों की नजरें नियमित यात्री ट्रेन के संचालन पर टिकी हैं। रेलवे स्तर पर तैयारियां जारी हैं और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस मार्ग पर यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
टीही की करीब तीन किमी लंबी रेलवे टनल में यदि किसी कारण से लंबी ट्रेन रुक जाती है तो यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। टनल में हवा का प्रवाह बनाए रखने के लिए वेंटिलेशन फैन और केबल कम्युनिकेशन सिस्टम लगाया गया है।
हालांकि, इन व्यवस्थाओं की फाइनल टेस्टिंग होना अभी बाकी है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवासन ने बताया कि टनल में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए वेंटिलेशन फैन और कम्युनिकेशन की व्यवस्था की गई है। इनकी अंतिम जांच जल्द पूरी की जाएगी। इसके बाद टनल में ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर यह व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
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