
धार। इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। सोमवार को पीथमपुर से धार के बीच पहली बार टॉवर वेगन चलाकर ट्रैक परीक्षण किया गया, जिसने वर्षों से इंतजार कर रहे क्षेत्रवासियों में उत्साह भर दिया। करीब 1 घंटे 50 मिनट में यह ट्रायल पूरा हुआ, जो परियोजना की प्रगति का अहम संकेत माना जा रहा है।

दोपहर 2:37 बजे सागौर कुटी क्षेत्र से शुरू हुआ यह परीक्षण सफलतापूर्वक धार पहुंचकर समाप्त हुआ। खास बात यह रही कि जैसे ही टॉवर वेगन धार पहुंची, सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक इसका स्वागत किया। लोगों में यह एहसास साफ नजर आया कि इंदौर–धार रेल कनेक्टिविटी का 5 दशक से भी अधिक पुराना सपना अब हकीकत बनने के बेहद करीब है।
रेलवे के अनुसार, यह ट्रायल रन 23 से 26 मार्च तक अलग-अलग चरणों में जारी रहेगा, जिसमें निर्धारित गति सीमा तक ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा का परीक्षण किया जा रहा है।
परियोजना के तहत टीही से धार के बीच कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। टीही–पीथमपुर खंड में टनल निर्माण शेष होने के चलते ट्रैक मशीनों को सड़क मार्ग से लाकर ट्रैक पर उतारा गया और आवश्यक पैकिंग व मरम्मत कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में अब टॉवर वेगन के जरिए ट्रैक की फिटनेस जांची जा रही है।
मुख्य इंजीनियर (निर्माण) धीरज कुमार स्वयं इस महत्वपूर्ण परीक्षण की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने पीथमपुर से धार तक ट्रैक का निरीक्षण कर इसकी स्थिति का आकलन किया।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि टनल निर्माण कार्य के साथ-साथ ट्रैक परीक्षण भी तेजी से जारी है, ताकि धार तक रेल सेवा जल्द शुरू की जा सके। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर और धार के बीच आवागमन न केवल तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
इस सफल ट्रायल के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि अब इंदौर–धार के बीच रेल कनेक्टिविटी दूर नहीं, और क्षेत्रवासियों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार जल्द खत्म होने वाला है।