
नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। डिंडौरी जिले में निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों का मामला अब उच्च प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद भी वाहनों को झटके लगने और सड़क की सतह, ढलान व पुलों के एप्रोच में कथित तकनीकी अनियमितताओं को लेकर लोकोपयोगी लोक अदालत ने मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग भोपाल, कलेक्टर डिंडौरी सहित प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सभी संबंधित अधिकारियों को 24 अक्टूबर 2026 को उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई कर आवेदन का गुण-दोष के आधार पर निराकरण किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
प्रथम जिला न्यायाधीश एवं लोकोपयोगी लोक अदालत के अध्यक्ष डीएस मंडलोई द्वारा जारी सूचना पत्र में उल्लेख किया गया है कि आवेदकगण अधिवक्ता सम्यक जैन व केके सोनी ने जिले में जबलपुर-डिंडौरी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी अनियमितताओं, प्रशासनिक लापरवाही, संविदात्मक उल्लंघनों और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया है।
सूचना पत्र में संबंधित आवेदन पर जवाब प्रस्तुत करने के लिए मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन को 24 अक्टूबर को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथि पर जवाब नहीं देने की स्थिति में एकपक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

अधिवक्ता सम्यक जैन द्वारा प्रस्तुत आवेदन में राष्ट्रीय राजमार्ग की राइडिंग सरफेस, सड़क की समतलता, ढलान, ग्रेडिएंट और पुलों के एप्रोच सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाए गए हैं। आवेदकों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद भी वाहनों को झटके लगने की समस्या बनी हुई है। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन और निर्माण कार्य की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क की सतह, ऊंचाई-ढलान और पुलों के एप्रोच का निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। आवेदकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ संबंधित अधिकारियों और कंसल्टेंट की भूमिका एवं निगरानी व्यवस्था की भी जांच की मांग उठाई है।
हालांकि, सड़क में कथित तकनीकी खामियों की वास्तविक स्थिति और वाहनों को झटके लगने के कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच से ही होगी। गौरतला में की डिंडौरी से जबलपुर मार्ग की सबसे बुरे हाल है।
इस मामले में अब 24 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, कलेक्टर एवं प्रमुख अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों को जारी नोटिस के बाद यह देखना होगा कि विभाग सड़क की गुणवत्ता और उठाई गई तकनीकी आपत्तियों पर क्या जवाब प्रस्तुत करता है। सुनवाई में प्रस्तुत जवाब और आगे की कार्यवाही से मामले की दिशा स्पष्ट होगी।