
नईदुनिया प्रतिनिधि डिंडौरी। जिले के बेशकीमती साल के जंगलों को खोखला कर रहे साल बोरर कीटों की गुरुवार को विधिवत होली जलाई गई। पश्चिम और पूर्व करंजिया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आठ अलग-अलग केंद्रों में कुल 19 लाख 25 हजार 118 साल बोरर कीटों को लकड़ी की चिता सजाकर जलाया गया।
इस अनोखे नष्टीकरण अभियान के दौरान डिंडौरी सहित मंडला वन वृत्त के चार डीएफओ मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। वन विभाग ने इस वर्ष साल के जंगलों को बचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था। इसमें ग्रामीणों और आदिवासियों को साथ जोड़ा गया।
ग्रामीणों को प्रति कीट दो रुपये पारिश्रमिक देने की घोषणा की गई थी। आदिवासियों ने जंगल-जंगल जाकर साल बोरर कीटों को पकड़ा और मारकर उनके सिर की माला बनाकर संग्रहण केंद्रों में जमा कराई। इसी तरह इकट्ठे हुए 19 लाख से अधिक कीटों को अब नष्ट करने की पहल की गई।
वन अधिकारियों के अनुसार साल बोरर कीट साल के पेड़ के तने में छेद कर अंदर घुस जाता है और उसे भीतर से खोखला कर देता है। कुछ ही दिनों में हरा-भरा साल का पेड़ पूरी तरह सूख जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में डिंडौरी और मंडला वन वृत्त में इस कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 1 लाख 46 हजार 784 साल के पेड़ इस कीट की चपेट में आकर सूख गए हैं, जिन्हें काटने के लिए चिह्नित किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 27 वर्ष बाद इतने बड़े पैमाने पर साल बोरर कीटों को एकत्र कर नष्ट किया गया है। आठ केंद्रों पर चिता तैयार कर विधि-विधान से कीटों का दहन किया गया। नष्टीकरण के दौरान डिंडौरी डीएफओ के साथ मंडला जिले के दो अन्य डीएफओ और एक अन्य डीएफओ की मौजूदगी रही।
विभाग का दावा है कि इस सामूहिक अभियान से साल बोरर कीट के प्रजनन चक्र को तोड़ा जा सकेगा और साल के जंगलों को सूखने से बचाया जा सकेगा। ग्रामीणों की भागीदारी से विभाग को बड़ी सफलता मिली है। बारिश का दौर थमने के बाद प्रभावित पेड़ों की कटाई में और तेजी लाई जाएगी।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल में यदि कहीं भी इस कीट का प्रकोप दिखे तो तत्काल वन कर्मचारियों को सूचना दें ताकि समय रहते साल के बेशकीमती जंगलों को बचाया जा सके।
गुरुवार को जिले के आठ केंद्रों में संग्रहित किए गए सभी 19 लाख 25 हजार से अधिक साल बोरर कीटों को सत्यापन करने के साथ लकड़ी की चिता में उन्हें जलाया गया। इस दौरान वन विभाग के 4 डीएफओ सहित अमला भी मौजूद रहा। इन्हें नष्ट करने के लिए लगातार अभियान जारी रहेगा।
अशोक सोलंकी, डीएफओ सामान्य डिंडोरी
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