नईदुनिया प्रतिनिधि, डिंडौरी। आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में 27 करोड़ रुपये से अधिक के चावल में कीड़े लग गए हैं। स्थिति यह है कि ये चावल अब जानवरों को खिलाने लायक भी नहीं बचा है। चार निजी वेयरहाउस के साथ एक सरकारी गोदाम में कुल 6800 मीट्रिक टन चावल में कीड़े लग गए हैं। वजह यह है कि सही रखरखाव न होने से वर्षा का पानी भी चावल तक पहुंच गया।
यह चावल राशन की दुकानों के माध्यम से गरीब पात्रों को मिलना था, लेकिन वेयर हाउस संचालकों की लापरवाही से खराब हो गया। इस मामले में दो वेयरहाउस संचालकों को ब्लैकलिस्टेड करने के साथ खराब चावल को नीलाम कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। चावल को नीलाम कराने के बाद जो क्षतिपूर्ति की राशि शेष रहेगी, उसे वेयरहाउस संचालकों से ही वसूला जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2023-24 का चावल पिछले साल मई में रखा गया था। वह एक वर्ष से अधिक समय से गोदाम में ही सड़ रहा था। संबंधित चावल में लुंजी लगने की सूचना पर 30 दिसंबर 2024 को नागरिक आपूर्ति निगम की तत्कालीन जिला प्रभारी एसडीएम भारती मेरावी ने इसे राशन की दुकानों को आवंटित करने पर रोक लगाने के लिए पत्राचार किया था। इसके बाद से ये चावल गोदाम में ही रखा रह गया। जबलपुर से आई क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने भी चावल की गुणवत्ता को देखा। पहले तो अपग्रेड कराकर चावल राशन दुकानों तक पहुंचाने की कवायद की गई। अब सड़ रहा चावल राशन की दुकानों तक पहुंचाने की स्थिति में नहीं रह गया है।
वेयर हाउस के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय जबलपुर ने मेकलसुता वेयरहाउस मडि़यारास और अग्रवाल वेयरहाउस बाईपास औराई को ब्लैकलिस्टेड किया है। संबंधित वेयरहाउस संचालकों से अनुबंध हुआ था, जिसमें चावल के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी वेयरहाउस संचालकों की ही होती है। ऐसे में विभागीय अधिकारी इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका दावा है कि अधिक किराया लेने की फिराक में साठगांठ कर चावल का उठाव नहीं होने दिया गया। इसके चलते चावल गोदाम में ही सड़ता रहा। वर्तमान में स्थिति यह है कि चावल और भी सड़ता जा रहा है और गोदाम के पास से गुजरने पर बदबू आ रही है।
-निगमानी सरकारी गोदाम, 5300.27 क्विंटल
-खनूजा वेयरहाउस, जमुनिया, 18545.88 क्विंटल
-मां नर्मदा वेयरहाउस, सागरटोला, 1285.11 क्विंटल
-मेकलसुता वेयरहाउस मडि़यारास 27818.89 क्विंटल
-अग्रवाल वेयरहाउस बाईपास औराई, 15623.49 क्विंटल
-कुल खराब चावल- 68573 क्विंटल
इस वर्ष कागजों में धान खरीदी का मामला सामने आया था। अनियमितता उजागर होने पर ईओडब्ल्यू ने सेवा सहकारी समिति सरहरी के प्रबंधक और पांच अन्य पर मामला दर्ज किया था। जिले में कलेक्टर के निरीक्षण में घटिया गेहूं और चावल के मामले सामने आते रहे हैं। निगमानी गोदाम में ही 1000 क्विंटल गेहूं घुना मिला था। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और बाद में इसे राशन दुकानों में खपा दिया गया।
गोदाम प्रभारियों की लापरवाही के चलते 6800 सौ मीट्रिक टन से अधिक चावल में कीड़े लग गए हैं। चावल को अपग्रेड कराने का भी प्रयास किया गया, लेकिन अब चावल राशन दुकानों तक भेजकर वितरण करने की स्थिति में नहीं बचा है। संबंधित चावल को नीलाम करने की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव क्षेत्रीय कार्यालय भेजा गया है। नीलामी के बाद जो राशि क्षतिपूर्ति की शेष बचेगी, वह वेयरहाउस संचालकों से ही वसूल की जाएगी।
- एचएल मरावी, जिला प्रबंधक वेयरहाउस, डिंडौरी