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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनस्वास्थ्य रक्षक का प्रशिक्षण लिया और मास्साब बन गए डॉक्टर, क्लीनिक सील

मामला गुना जिले के बीनागंज का है। तहसीलदार ने मौके पर जाकर पकड़ा, अवैध क्लीनिक सील किया।

By Hemant UpadhyayEdited By: Hemant Upadhyay
Publish Date: Wed, 18 Sep 2019 06:57:38 PM (IST)Updated Date: Wed, 18 Sep 2019 06:57:38 PM (IST)
जनस्वास्थ्य रक्षक का प्रशिक्षण लिया और मास्साब बन गए डॉक्टर, क्लीनिक सील

बीनागंज(गुना)। बीनागंज क्षेत्र के ग्राम पीपल्यामोती के शासकीय स्कूल एक मास्साब जनस्वास्थ्य रक्षक का प्रशिक्षण लेकर डॉक्टर बन बैठे। स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय वे अवैध क्लीनिक खोलकर एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का इलाज कर रहे थे।

एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार और मेडिकल ऑफिसर की टीम पहुंची, तो क्लीनिक में यही पाया। तहसीलदार ने क्लीनिक को सील करा दिया। एसडीएम ने मास्साब को बर्खास्त करने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखने की बात कही है।

जानकारी के अनुसार चांचौड़ा एसडीएम राजीव समाधिया को सूचना मिली थी कि महाराजपुरा निवासी सहायक अध्यापक इंदरसिंह भील ग्राम पीपल्यामोती के स्कूल में पदस्थ है। वह स्कूल जाने के बजाय गोया मोहल्ला में अवैध रूप से क्लीनिक चला रहा है।

एसडीएम ने पहले एक कर्मचारी को क्लीनिक भेजकर शिकायत की पुष्टि कराई। फिर तहसीलदार सुधीरसिंह कुशवाह, मेडिकल ऑफिसर डॉ. एसके पटवा, पटवारी महीपत सिंह और चरण सिंह भील को क्लीनिक पर भेजा। वहां इंदरसिंह एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का उपचार करते पाया गया। उसने एक महिला को ड्रिप भी लगा रखी थी। तहसीलदार ने उससे डॉक्टर की डिग्री मांगी, तो वह कुछ नहीं दिखा पाया।


उसने कहा कि उसने जनस्वास्थ्य रक्षक का प्रशिक्षण लिया है। इसी आधार पर इलाज करता है। टीम ने वहां मौजूद मरीजों के बयान दर्ज किए। मरीजों ने बताया कि इंदरसिंह 30 रुपए परामर्श शुल्क और दवा का शुल्क अलग से लेता है। इसके बाद तहसीलदार ने क्लीनिक सील करा दिया। अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी।

बर्खास्त करने लिख रहे पत्र

सूचना मिली थी कि एक सरकारी शिक्षक स्कू ल न जाकर खुद के क्लीनिक पर मरीजों का इलाज कर रहा है। इस पर तहसीलदार व मेडिकल ऑफिसर की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया। जहां बिना योग्यता के शिक्षक मरीजों का इलाज करते पाया गया। क्लीनिक को सील कर दिया है। शिक्षक को बर्खास्त करने कलेक्टर को पत्र लिखा जा रहा है।

- राजीव समाधिया, एसडीएम चांचौड़ा