ग्वालियर: 100 बीघा वन भूमि मुक्त कराने पहुंची टीम, मशीनों के आगे लेटीं महिलाएं; पुलिस बल बुलाकर खोदे सैकड़ों गड्ढे
सुबह 10 बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम छह बजे तक चली, जिसमें बीच में बंजारा समाज की महिलाओं ने विरोध कर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। महिलाएं बैकहो लोड...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 10:41:16 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 10:42:03 PM (IST)
ये है 100 बीघा जमीन जहां काले जैसे स्पाॅट मशीनों के गडढ़े हैं और हंगामा करते लोग। सौजन्यHighLights
- मशीनों के सामने हंगामा
- पुलिस बल और ड्रोन की मदद
- सौ बीघा जमीन पर थी खेती
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिले के घाटीगांव इलाके के ग्राम चैत में मंगलवार को वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई कर 100 बीघा वन भूमि को मुक्त कराया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम छह बजे तक चली, जिसमें बीच में बंजारा समाज की महिलाओं ने विरोध कर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। महिलाएं बैकहो लोडर मशीन के सामने लेट गईं और हंगामा कर दिया। इसके बाद वन विभाग के अफसरों ने पुलिस थाने को सूचना देकर फोर्स बुलवाया तब जाकर कार्रवाई आगे बढ़ सकी।
पांच पांच बैकहो लोडर मशीनों से वन विभाग की जमीन पर सैकड़ों गड्ढे खोदे गए और विलायती व देसी बबूल के बीच डाले गए।
पूरी कार्रवाई की ड्रोन से फोटोग्राफी कराई गई
कार्रवाई को रोकने के लिए कई लोगों की सिफारिशें भी वन विभाग के पास पहुंची लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी। इसी जमीन पर एक माह पहले कार्रवाई के लिए अमला गया था लेकिन लोगों द्वारा बाधा डालने के कारण कार्रवाई रोकना पड़ी। पूरी कार्रवाई की ड्रोन से फोटोग्राफी कराई गई।
बता दें कि घाटीगांव के चैत गांव में बड़े पैमाने पर वन भूमि पर कब्जे की शिकायतें विभाग को मिल रहीं थीं। इसको लेकर लंबे समय से रणनीति बनाई जा रही थी लेकिन एक बार भूमि को खाली कराने की योजना बेकार हो गई। पिछले माह वन विभाग की टीम पहुंची थी तो महिलाओं ने विरोध किया, जिस कारण अमले को वापस लौटना पड़ा।
40 लोग और 5 बैकहो लोडर मशीनें पहुंची
मंगलवार को वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मिलाकर 40 लोग पहुंचे और पांच बैकहो लोडर मशीनें पहुंची। यह देख मौके पर हड़कंप मच गया और लोग जमा होने लगे। वन विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की और मशीनों से गड्ढे खोदना शुरू कर दिए।
100 बीघा पर खेती कर रहे थे लोग
वन विभाग की सौ बीघा जमीन पर लोग सालों से खेती कर रहे थे, पूर्व में भी वन विभाग के अधिकारियों की जानकारी में था कि इस जमीन पर कब्जा किया गया लेकिन हटाया नहीं जा रहा था। इस बार बड़ी कार्ययोजना के साथ वन विभाग ने काम किया।
ग्वालियर में वन विभाग की जमीन पर कई कब्जे
ग्वालियर जिले में देहात व शहर में वन विभाग की भूमि पर कब्जे के मामले कम नहीं है। विभाग कार्रवाई का दावा जरूर करता है लेकिन यह नाकाफी है। मप्र में कुल एक लाख 27 हजार 170 एकड़ वन भूमि ऐसी पाई गई थी जो निजी व्यक्तियों, संस्थाओं या अन्य विभागों के पास आवंटित थी। इसमें से अब तक केवल 39,361.06 हेक्टेयर भूमि को ही डी-नोटीफाई या ट्रांसफर की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2025 को पारित निर्णय में निर्देश दिया था कि संरक्षित वन के रूप में दर्ज, लेकिन राजस्व विभाग के नियंत्रण में या निजी संस्थाओं को दी गई सभी भूमियों को एक साल के भीतर खाली कराकर वन विभाग के सुपुर्द किया जाए।
चैत गांव में सौ बीघा वन भूमि को खाली कराया गया है, यहां सालों से कब्जा किया गया था। पांच मशीनों के जरिये गडढे खोदे गए और ड्रोन से भी फोटोग्राफी कराई गई। पुलिस बल का भी सहयोग लिया गया। - दीपांशु शर्मा, रेंजर, घाटीगांव,वन विभाग।