नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को 11 नए मरीज मिले। इस माह 15 दिन में डेंगू के मरीजों की संख्या 184 पहुंच गई है। इनमें से बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। जीआरएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग और जिला अस्पताल मुरार में रविवार को डेंगू के 44 संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच की गई। जांच में 11 मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि हुई। पिछले साल सितंबर माह में 210 डेंगू के मरीज मिले थे, लेकिन इस बार महज 15 दिन में ही मरीजों की संख्या 184 पहुंच गई है।
जनवरी से अब तक जिले में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 396 हो गई है। 6 हजार 921 सैंपल की जांच में यह मरीज मिले हैं। इधर मलेरिया के अब तक 12 पाजिटिव मरीज मिले हैं। 2 लाख 10 हजार 185 की जांच में यह मरीज मिले। इधर वर्षा के कारण जलजनित रोगों की संभवना भी प्रबल हो गई है। वर्षा के कारण तापमान में गिरावट तो हुई है, वहीं अभी का मौसम मच्छरों के अनुकूल भी हो गया है। इस वजह से मच्छर जनित बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। वर्षा के बाद मोहल्लों में जलजमाव के कारण डेंगू व मलेरिया होने की संभावना अधिक है। इसलिए सतर्क रहने की जरुरत है।
डा. नीतेश मुदगल ने कहा अगर साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज व देखभाल घर पर ही किया जा सकता है। चिकित्सकों की सलाह लेकर जरूरी दवाईयां ले सकते हैं। बिना चिकित्सक की सलाह से दवा लेने पर शरीर से प्लेटलेट्स अचानक कम हो सकते हैं। सामान्य रूप से खाना देना जारी रखें, बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है।
घरेलू स्तर पर सावधानी बरतने से भी डेंगू को पांव पसारने से रोका जा सकता है। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि घर के आसपास पानी को जमने नहीं दें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें. डेंगू के मच्छर दिन में अधिक काटते हैं, इसलिए दिन में विशेष तौर पर सतर्क रहें। घर में कूलर के पानी को बार-बार बदलते रहें।