शीतला माता मंदिर हादसा: मजिस्ट्रियल जांच में DSP और TI समेत 11 पुलिसकर्मियों ने दर्ज कराए अपने बयान
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के बयानों के अलावा आम लोगों से कोई जानकारी या साक्ष्य नहीं मिला है। इसके लिए तीन दिन का समय दिया गया था।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 08:32:13 AM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 08:32:56 AM (IST)
HighLights
- हादसे के वक्त मौजूदगी और तैनाती पर सवाल
- शेष पुलिस व राजस्व अधिकारियों के बयान आज
- ड्यूटी आदेश और प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के तहत शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एडीएम सीबी प्रसाद के सामने बयान दर्ज कराए। उनसे पूछा गया कि हादसे के समय वे कहां थे, क्या हुआ था और उससे पहले उनकी तैनाती या आवाजाही कहां थी। उन्होंने जवाब देने के साथ लिखित बयान सौंपे, जिन्हें जांच फाइल में शामिल कर लिया गया है।
अभी कुछ अधिकारियों के बयान होना है बाकी
अब दो से तीन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों तथा पांच रेवेन्यू अधिकारियों के बयान दर्ज होना बाकी है। उनके बयान शनिवार को लिए जाएंगे। इसके बाद एडीएम सीबी प्रसाद विवेचना शुरू करेंगे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के बयानों के अलावा आम लोगों से कोई जानकारी या साक्ष्य नहीं मिला है। इसके लिए तीन दिन का समय दिया गया था।
हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी और 42 घायल हुए थे। चीनोर रोड से आ रहे ट्रक ने शीतला माता मंदिर के गेट पर लोगों को रौंद दिया था। कई घायलों को एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए भोपाल भेजा गया था। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया था।
पुलिस से ड्यूटी आदेश समेत पूरा रिकार्ड की हो रही है जांच
मजिस्ट्रियल जांच के लिए पुलिस से ड्यूटी आदेश समेत पूरा रिकार्ड लिया गया है। नवरात्र से पहले मंदिर में हुई बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों, एसडीएम, सीएसपी, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों, बिजली कंपनी के इंजीनियरों और ट्रैफिक पुलिस के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
गुरुवार को एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव, तहसीलदार रत्नेश शर्मा, अशोक सिंह, केके भोला, घाटीगांव और बरई जनपद के सीईओ और कार्यपालन यंत्रियों और उपयंत्रियों ने बयान दिए। शुक्रवार को एसडीओपी भितरवार गगन हनवत, टीआई, आरक्षक और प्रधान आरक्षकों के बयान दर्ज किए गए।