डबरा के पिछोर में मिला 128 किलो पनीर और पाम ऑयल, गिरवाई में पकड़ा 12.28 लाख का मिलावटी मावा
मिलावटी खाद्य पदार्थों की आशंका के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की हैं।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 11:16:16 AM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 11:43:36 AM (IST)
पिछोर में कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी। नईदुनियाHighLights
- पिछोर में घर से पनीर और पाम ऑयल जब्त
- गिरवाई में भोपाल भेजा जा रहा सवा चार क्विंटल मावा पकड़ा
- त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। त्योहारी सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की आशंका के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की हैं। डबरा क्षेत्र की नगर परिषद पिछोर में एक घर से 128 किलो पनीर और 10 लीटर पाम ऑयल जब्त किया गया। वहीं ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र में दो वाहनों से भोपाल भेजा जा रहा करीब सवा चार क्विंटल मावा पकड़ा गया। इसकी कीमत 12 लाख 28 हजार रुपये बताई गई है।
राकेश बघेल के घर में बड़ी मात्रा में पनीर-पाम ऑयल रखे होने की मिली थी शिकायत
पिछोर के वीरमढना रोड स्थित राकेश बघेल के घर में बड़ी मात्रा में पनीर और पाम ऑयल रखे होने की शिकायत मिली थी। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों गिरीश राजौरिया, सतीश कुमार शर्मा और गोविंद कुमार सरगैंया की टीम ने छापा मारा। टीम ने पनीर के नमूने लेने के बाद उसे घर में रखे फ्रिज में सील कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही नगर में संचालित दूध डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ संचालक अपनी डेयरियां बंद कर चले गए।
गिरवाई पर पकड़ी मावा की खेप
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सूचना के आधार पर गुरुवार रात करीब 12:30 बजे गिरवाई थाने पर दो वाहनों को रोका। इनमें एमपी 07 जेडजी 8802 और एमपी 07 जेड 2846 शामिल हैं। वाहन चालकों मुकेश चौरसिया और शब्दप्रताप यादव ने बताया कि मावा मोर बाजार से भोपाल ले जाया जा रहा था। इसका मालिक सुरेश कन्नौजिया है।
सूचना मिलने पर मावा मालिक भी मौके पर पहुंचा
सूचना मिलने पर मावा मालिक भी मौके पर पहुंचा और दोनों वाहनों में कुल सवा चार क्विंटल मावा होने की जानकारी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी लखनलाल कोरी और आनंद प्रकाश शर्मा ने दोनों वाहनों से मावा के दो-दो नमूने लिए।
पूरी खेप को नियमानुसार जब्त
इसके बाद पूरी खेप को नियमानुसार जब्त कर लिया गया। लगातार कार्रवाई के बावजूद दूसरे जिलों से मावा की खेप ग्वालियर पहुंचने और यहां से भोपाल सहित अन्य शहरों में भेजे जाने का सिलसिला जारी है। इससे ग्वालियर का इस्तेमाल मावा के परिवहन केंद्र के रूप में होने का मामला फिर सामने आया है।