प्रियंक शर्मा, नईदुनिया, ग्वालियर। अग्नि दुर्घटना में त्वरित बचाव कार्य शुरू करने के लिए प्रदेश के नगरीय निकायों में संसाधनों की वृद्धि की जा रही है। इस क्रम में प्रदेश के 21 नगरीय निकायों को 12 हजार लीटर क्षमता वाले नए वाटर बाउजर दिए जाएंगे, जिसमें तेज प्रेशर के साथ पानी फेंकने की क्षमता होगी, साथ ही फोम भी मौजूद रहेगा। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) ने ये वाटर बाउजर खरीदने के लिए प्रक्रिया शुरू की है।
इसमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, मुरैना, सतना, सागर, रतलाम, रीवा, कटनी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खंडवा नगर निगमों के अलावा धार के पीथमपुरा, रायसेन के मंडीदीप, मुरैना के बानमोर, भिंड के मालनपुर और झाबुआ के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्रों को भी चयनित किया गया है। इन स्थानों पर एक-एक वाटर बाउजर दिया जाएगा।
12 हजार लीटर पानी ले जाने की रहेगी क्षमता
इन वाहनों की क्षमता 28 टन होगी और इनमें कम से कम 12 हजार लीटर पानी ले जाने की क्षमता रहेगी। वाहन में रियर-माउंटेड सेंट्रीफ्यूगल पंप और आटोमैटिक प्राइमिंग सिस्टम लगाया जाएगा। पंप सामान्य स्थिति में कम से कम 3000 लीटर प्रति मिनट की दर से 10 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर दबाव पर तथा हाई प्रेशर में कम से कम 250 लीटर प्रति मिनट की दर से 40 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर दबाव पर पानी डिस्चार्ज करने में सक्षम होगा। वाटर बाउजर में 304 ग्रेड स्टेनलेस स्टील का 12 हजार लीटर क्षमता वाला टैंक होगा।
एमपीयूडीसी ने खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया की शुरू
इसमें कम से कम 10 कंपार्टमेंट, दो मैनहोल, सफाई के लिए अलग व्यवस्था और पंप से पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए बाफल प्लेट्स का प्रावधान किया गया है। वाहनों में जीपीएस, मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी), हाई प्रेशर होज रील, वाटर मानिटर, लाइट मास्ट सहित फायर फाइटिंग उपकरण भी शामिल होंगे। एमपीयूडीसी ने इन वाहनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। वाहनों की आपूर्ति का लक्ष्य अनुबंध मिलने के 10 महीने में रखा गया है।
इसके बाद 12वें महीने तक संबंधित निकायों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वाहन मिलने के बाद संबंधित निकायों के फायर स्टेशन पर कम से कम दो प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण में वाहन संचालन, उपकरणों के उपयोग, रखरखाव, सुरक्षा जांच और आपात स्थिति में संचालन शामिल रहेगा।
111 मिनी वाटर टेंडर की भी हो रही खरीद
इससे पहले एमपीयूडीसी द्वारा प्रदेश के 90 नगरीय निकायों को 111 मिनी वाटर टेंडर मशीनें उपलब्ध कराने की भी प्रक्रिया की जा रही है। ये मिनी वाटर टेंडर मशीनें 550 लीटर क्षमता की होंगी, जिनमें 500 लीटर पानी और 50 लीटर फोम मौजूद रहेगी, ताकि अग्नि दुर्घटनाओं के दौरान तेजी से बचाव कार्य किए जा सकें।
ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन नगर निगमों को तीन-तीन वाटर टेंडर मशीनें मुहैया कराई जाएंगी, जबकि बाकी नगर निगमों को दो-दो वाटर टेंडर मशीनें मिलेंगी।
शेष अन्य नगरीय निकायों को एक-एक वाटर टेंडर मशीनें दी जाएंगी। इस परियोजना में पीथमपुर, मंडीदीप, बानमोर, मालनपुर, मेघनगर जैसे इंडस्ट्रियल एरिया को भी शामिल किया गया है, जहां एक-एक मशीनें आपातकालीन स्थिति के लिए दी जाएंगी।