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Polio threat in MP: ग्वालियर समेत 18 जिले हाईरिस्क जोन में शामिल, 22 नवंबर से चलेगा विशेष अभियान

अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के 38 लाख 51 हजार 396 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

By Anoop BhargavEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 06:07:21 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 06:08:14 PM (IST)
Polio threat in MP: ग्वालियर समेत 18 जिले हाईरिस्क जोन में शामिल, 22 नवंबर से चलेगा विशेष अभियान
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HighLights

  1. 38 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा
  2. संवेदनशील और हाईरिस्क क्षेत्रों पर विशेष फोकस
  3. स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की तैयारियां

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर समेत 18 जिलों को पोलियो के हाईरिस्क जोन में शामिल किया गया है। इन जिलों में 22 नवंबर से अतिरिक्त चरण का पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के 38 लाख 51 हजार 396 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

देश को पोलियो मुक्त घोषित किए जाने के करीब 15 साल बाद भी वाइल्ड पोलियो वायरस का संक्रमण आसपास के देशों में होने के चलते पोलिया वायरस के पुन: आने के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाई है।


समन्वय स्थापित करने के मिले निर्देश

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश की ओर से जारी निर्देश में संबंधित जिलों के कलेक्टर और स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान की तैयारियां समय पर पूरी करने और माइक्रोप्लान के अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए जिला और ब्लाक स्तर पर बैठकें आयोजित कर स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित अमले के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईरिस्क जिलों में विशेष निगरानी, कोई बच्चा न छूटे

अभियान में उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां बच्चों तक टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने में कठिनाई होती है या पोलियो संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है। निर्देश के अनुसार ईंट-भट्ठों, क्रेशर साइट, निर्माण स्थलों, घुमंतू आबादी, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

अंतरराज्यीय और जिला सीमाओं पर भी निगरानी तथा अभियान की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को पांच वर्ष तक के बच्चों का सर्वे और सूचीकरण करने के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से पात्र बच्चों की पहचान सुनिश्चित करनी होगी।

18 जिलों में चलेगा अतिरिक्त चरण

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्र में प्रदेश के जिन 18 जिलों को हाईरिस्क श्रेणी में शामिल किया गया है, उनमें अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खंडवा, खरगोन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर और नीमच शामिल हैं।

लक्ष्य हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की खुराक

स्वास्थ्य विभाग को अभियान की विस्तृत कार्ययोजना बनाकर टीकाकरण दलों की तैनाती, बूथ संचालन और संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की सफलता के लिए अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का अतिरिक्त चरण 22 से 24 नवंबर तक चलेगा। इसमें हाईरिस्क जोन में शामिल जिलों पर खास फोकस रहेगा। अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। - डॉ. आरके गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी