
ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। बीएसएनएल का थ्रीजी नेटवर्क शहर में ठीक से नहीं मिलपा रहा है और 4 जी नेटवर्क लाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बीएसएनएल 4 जी नेटवर्क को दूर दराज के गांव गांव तक लेकर जाने की तैयारियां कर रहा है। इसके लिए देश भर के उन गांव का सर्वे किया जा रहा है जहां पर किसी भी कंपनी का नेटवर्क नहीं है। इसमें प्रदेश के दो हजार गांव ऐसे पाए गए जहां पर निजी या सरकारी किसी भी कंपनी का नेटवर्क नहीं है। जिसमें ग्वालियर संभाग के दो सौ गांव शामिल हैं। जहां पर अगले छह महीने में बीएसएनएल 4 जी नेटवर्क लेकर पहुंचेगा।
बीएसएनएल का नेटवर्क छोड़ रहे लोग
बीएसएनएल के थ्री जी नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा है। इस कारण से कई लोग बीएसएनएल का नेटवर्क छोड़कर दूसरे नेटवर्क का विकल्प चुन रहे हैं। यदि पिछले छह महीने की बात करें तो बीएसएनएल के अफसरों का कहना है कि करीब 10 हजार ग्राहक बीएसएनएल छोड़कर दूसरी कंपनी का विकल्प चुन चुके हैं। हालांकि काफी सारे ग्राहक दूसरी कंपनियों का नेटवर्क छोड़कर बीएसएनएल में भी आए हैं। असल में थ्री नेटवर्क देने के लिए जिन स्थानों पर टावर लगाए गए हैं वह सभी बिजली पर आधारित है। जबतक बिजली की सप्लाई ठीक से रहती है तबतक तो नेटवर्क सही से चलता है। लेकिन बिजली गुल होने पर बीएसएनएल का नेटवर्क भी गुल हो जाता है।
बिजली गुल होते ही नेटवर्क हो जाता गुल
बीएसएनएल के शहर व ग्रामीण क्षेत्र में जितने भी टावर लगे हैं उन्हें विद्युत विभाग से बिजली की सप्लाई दी जाती है। बिजली गुल होने की स्थिति में बैट्री बैकअप की व्यवस्था की गई है। लेकिन लंबे समय से बैट्री खराब पड़ी हुई हैं। इसलिए बिजली गुल होते ही नेटवर्क भी गुल हो जाता है। अचलेश्वर मंदिर पर लगे टावर की बैट्री पिछले एक साल से खराब है। इसी तरह से गोला का मंदिर,बहोड़ापुर,ग्वालियर, हजीरा क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावर की बैट्री खराब होने से परेशानी चल रही है। अफसरों का कहना है कि जितने सामन की जरुरत होती है उसकी मांग आला अधिकारियों को भेजी भी जाती है पर मांग के अनुरुप सामान की उपलब्धता महज 20 फीसद ही होती है। इससे परेशानी लंबे समय से बनी हुई है।