ग्वालियर CA से 21.05 करोड़ की साइबर ठगी: पुलिस ने अनफ्रीज कराए 85 लाख, पीड़ित के खाते में वापस आए 25 लाख
ग्वालियर अपराध समाचार: साइबर ठगी के 7 माह बाद भी राज्य साइबर पुलिस की टीम यह रकम ठगों तक पहुंचने से पहले ही फ्रीज करा पाई थी।
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 09:41:17 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 09:41:50 PM (IST)
HighLights
- 20 हजार से अधिक खातों में भेजी गई थी ठगी की रकम
- 4 करोड़ रुपये फ्रीज कराने में कामयाब रही राज्य साइबर पुलिस
- छत्तीसगढ़ से म्यूल खाता नेटवर्क चलाने वाला आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चार्टर्ड अकाउंटेंट से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस 85 लाख रुपये अनफ्रीज कराने में कामयाब रही है। इसके बाद सीए के खाते में ठगी के 25 लाख रुपये वापस आ गए। कुछ दिनों में बाकी रकम भी खाते में आ जाएगी। साइबर ठगी के सात माह बाद भी राज्य साइबर पुलिस की टीम यह रकम ठगों तक पहुंचने से पहले ही फ्रीज करा पाई थी।
दिसंबर से जुलाई के बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गी निवासी रोशनी घर रोड से क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई थी। जुलाई में राज्य साइबर पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दर्ज की थी।
तब राज्य साइबर पुलिस के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने अपनी टीम को सबसे पहले उन बैंक खातों की पड़ताल में लगाया, जिनमें पहली-दूसरी लेयर में पैसा गया था। पहली लेयर में ही 176 बैंक खाते चिह्नित हुए थे। इसके बाद आगे यह रकम 20 हजार से अधिक खातों में पहुंची।
राज्य साइबर पुलिस ने पहली लेयर के खातों को फ्रीज कराने के लिए पूरे देश के बैंक प्रबंधनों से संपर्क किया। तब कुछ रकम फ्रीज करा पाई थी।
21.05 करोड़ में से चार करोड़ फ्रीज
- 21.05 करोड़ रुपये में से चार करोड़ रुपये फ्रीज कराने में राज्य साइबर पुलिस कामयाब रही थी। इसके बाद कोर्ट में यह पैसा वापस लेने के लिए आवेदन लगाया। 85 लाख रुपये अनफ्रीज कर वापस करने के आदेश दिए। इसमें से 25 लाख रुपये फरियादी के बैंक खाते में वापस आ चुके हैं। अभी भी 60 लाख रुपये आना बाकी हैं।
छत्तीसगढ़ का कंपनी संचालक जेल भेजा
छत्तीसगढ़ से कंपनी संचालक मिथिलेश जायसवाल को राज्य साइबर पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया था। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पूछताछ में सामने आया कि असली सरगना तो मिथिलेश का भाई है। यह दोनों ही देशभर में म्यूल खातों का बड़ा नेटवर्क चलाते हैं। चेन्नई में भी दोनों ही पकड़े गए थे। जमानत पर छूटने के बाद दोबारा म्यूल खातों में साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी करने लगे। इनके पास अन्य फर्जी कंपनियों के बैंक खाते भी हैं, जिनमें यह साइबर ठगी की रकम मंगवाते हैं। इसके बाद दूसरे बैंक खातों व क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिये विदेश तक पैसा भेजते हैं।
साइबर ठगी के चार करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। इसमें से 25 लाख रुपये फरियादी के खाते में आ गए। 85 लाख रुपये अनफ्रीज करने के आर्डर हो गए हैं। बाकी पैसा भी जल्द आ जाएगा। अब तक आठ आरोपी पकड़े हैं। -संजीव नयन शर्मा, डीएसपी, राज्य साइबर पुलिस