ग्वालियर: 27 लाख का फ्लैट खरीदकर फंसे दंपती, एक ही प्रॉपर्टी की दो रजिस्ट्री कर बैंक लोन में की धोखाधड़ी
अब इस मामले में बैंक प्रशासन के सहयोग से फ्लैट को खाली कराने का प्रयास कर रही है और इधर दंपती जिला प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहा है।
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 04:06:53 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 04:07:27 PM (IST)
HighLights
- 27 लाख में खरीदा फ्लैट, फिर आया बैंक का रिकवरी नोटिस
- दंपती से पहले एक और व्यक्ति को बेची जा चुकी थी प्रॉपर्टी
- कलेक्टर और एसएसपी दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर पीड़ित
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। फ्लैट के नाम पर दंपती के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जिसमें दंपती ने 27 लाख का फ्लैट खरीदा और कुछ समय बाद ही बैंक फ्लैट पर रिकवरी का नोटिस लगा गई। इसके बाद ही सामने आया कि जिस व्यक्ति से फ्लैट खरीदा गया था उसने एक और रजिस्ट्री की थी। पहले वही रजिस्ट्री की गई और दूसरी रजिस्ट्री दंपती ने कराई थी।
जिला प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहा है दंपति
अब इस मामले में बैंक प्रशासन के सहयोग से फ्लैट को खाली कराने का प्रयास कर रही है और इधर दंपती जिला प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहा है। इस मामले में कलेक्टर-एसएसपी से लेकर तहसीलदार-टीआई सभी जगह शिकायत की जा चुकी है।
पीड़िता पूर्णिमा गुप्ता ने शिकायत में बताया कि मैंने एक फ्लैट क्रय किया जो कि राघवेंद्र सिंह सेंगर निवासी अशोक विहार कॉलोनी के स्वत्व स्वामित्व व आधिपत्य का भूखंड क्रमांक 85 स्थित प्रतिमा विला साकेत नगर गोशपुरा में है। प्रार्थिनी राघवेन्द्र सिंह से मिली उसके द्वारा सम्पति का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र दिखाया गया जो कि उसके द्वारा ओमप्रकाश सक्सेना से क्रय किया गया था तथा राघवेंद्र सिंह के द्वारा पूर्ण विश्वास दिलाया गया कि उक्त सम्पति उसके स्वत्व स्वामित्व व आधिपत्य कि है तथा उसका पूर्व में कहीं भी विक्रय नहीं किया गया है। उक्त सम्पति का रजिस्टर्ड वयनामा 2019 में कराया गया।
बैंक कर्मचारी ने दंपति को बताया फ्लैट पर तो चल रहा है लोन
2022 को पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा पाताली हनुमान तानसेन नगर ग्वालियर बैंक के कर्मचारी फ्लैट में आये और उनके द्वारा बताया गया कि इस फ्लैट पर लोन चल रहा है जो कि संतोषराज अग्रवाल और उनकी पत्नी नीलम अग्रवाल के नाम से है जिसकी किश्त नहीं आ रही है।
जांच में पता चला कि एक विक्रय पत्र राघवेंद्र सिंह के द्वारा संतोषराज अग्रवाल को विक्रय किया जा चुका है बिल्डर राघवेंद्र सिंह से संपर्क किया परन्तु उसने साफ मना किया कि उसके द्वारा यह विक्रय नहीं किया गया है बाद में यह भी पता चला कि प्रवीण अग्रवाल और होम सिंह कुशवाह कि एलआईसी, हॉउसिंग फाइनेंस से फर्जी लोन है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।