ग्वालियर किला स्थित गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ में सजा बड़ा दीवान, अखंड पाठ के भोग के साथ तीन दिवसीय महोत्सव संपन्न; संगत ने टेका मत्था
गुरुद्वारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। संगत ने गुरुद्वारे में माथा टेककर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की।...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 08:50:23 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 08:50:54 PM (IST)
दाता बंदी छोड़ दिवस महोत्सव के समापन पर निहंग सिंह बाबा अवतार सिंह सुरसिंह पंजाब विधिचंद दल द्वारा महल्ला निकाला गया। नईदुनियाHighLights
- गुरुवाणी के बीच पंगत में छका लंगर
- अमृतसर की शबद चौकी यात्रा ने की परिक्रमा
- पद्मश्री बाबा सेवा सिंह के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर दुर्ग स्थित गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ में सर्वपितृ अमावस्या पर अखंड पाठ के भोग के साथ तीन दिवसीय दाता बंदी छोड़ दिवस महोत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर गुरुद्वारे में बड़ा दीवान सजाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सिख संगत और श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर अरदास की। गुरुवाणी के बीच संगत ने गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा प्रकट की। आयोजकों ने महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का जारी रहा सिलसिला
महोत्सव के दौरान गुरुद्वारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। संगत ने गुरुद्वारे में माथा टेककर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि के लिए अरदास की। अखंड पाठ के भोग के बाद आयोजित दीवान में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे परिसर में गुरुवाणी और श्रद्धा का वातावरण रहा।
संगत ने पंगत में बैठकर लंगर छका
श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारे में लंगर की व्यवस्था की गई थी। संगत ने पंगत में बैठकर लंगर छका। वहीं, स्थानीय सिख संगत की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण के स्टाल भी लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था प्रकट की
दाता बंदी छोड़ दिवस महोत्सव का आयोजन पद्मश्री बाबा सेवा सिंह और लक्खा सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। महोत्सव के तहत अमृतसर से आई शबद चौकी यात्रा ने शनिवार को ग्वालियर दुर्ग स्थित गुरुद्वारे के परकोटे की परिक्रमा की। इस दौरान संगत ने शबद-कीर्तन करते हुए गुरु साहिब के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। सदियों पुरानी इस परंपरा में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने गुरु की महिमा का गुणगान किया।
तीन दिवसीय आयोजन के समापन के बाद रविवार को अमृतसर से आई शबद चौकी यात्रा वापस रवाना होगी। यात्रा दीपावली से एक दिन पहले अमृतसर पहुंचेगी।