नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। श्रीरामलीला समारोह समिति का परंपरागत दशहरा चल समारोह मंगलवार शाम 4 बजे अचलेश्वर से शुरू होगा। आकर्षक झांकियों और बैंड-बाजों के साथ यह करीब 7 किलोमीटर का तय मार्ग तय कर फूलबाग स्थित श्रीरामलीला मैदान पहुंचेगा। समारोह में चार घोड़ों पर अलग-अलग स्वरूपों में पात्र, धमाल ढोल पार्टी, इत्र वर्षा, बाहुबली हनुमान, बाहुबली नृसिंह भगवान और विशाल नंदी पर विराजमान भगवान शंकर-पार्वती की झांकी शामिल होगी।
ये झांकियों होंगी प्रमुख
सुरसा-हनुमान, शबरी, राम भगवान और हनुमान जी की झांकियों के साथ राम रथ और रावण रथ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। अघोरी बाबा की टोली पूरे रास्ते अपने रंग में नजर आएगी।
चल समारोह के अंत में भगवान का रथ रहेगा, जो विशेष आकर्षण होगा। इस झांकी में लगी 150 लाइटें पूरे मार्ग पर रोशनी बिखेरेंगी और 150 बैंड वादकों की धुन लोगों को मंत्रमुग्ध करेगी।
यह रहेगा चल समारोह का मार्ग
समारोह अचलेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर इंद्रगंज चौराहा, दाल बाजार, नया बाजार, लोहिया बाजार, ऊंट पुल, पाटनकर बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, डीडवाना ओली, गस्त का ताजिया, फालका बाजार और छप्पर वाला पुल होते हुए शिंदे की छावनी से फूलबाग मैदान पहुंचेगा। यहां रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा।
कहां कितने फीट के पुतले जलेंगे
फूलबाग मैदान में श्रीरामलीला समारोह समिति के तत्वावधान में मंगलवार रात करीब 10 बजे 60 फीट ऊंचे रावण तथा 55-55 फीट ऊंचे कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इस दौरान आतिशबाजी भी होगी।
थाटीपुर में 55 फुट का जलेगा रावण
थाटीपुर मैदान में दशहरा उत्सव एवं सांस्कृतिक समिति की ओर से मंगलवार शाम साढ़े आठ बजे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा। यहां रावण का पुतला 55 फुट और कुंभकरण तथा मेघनाथ के पुतले 50 फुट ऊंचे होंगे।
नवदुर्गा श्रीरामलीला समिति, डीडी नगर और चेतना मंच के तत्वावधान में शताब्दीपुरम स्थित नवीन दशहरा मैदान में मंगलवार रात बुराई के प्रतीक 65-65 फीट ऊंचे रावण के पुतलों का दहन किया जाएगा।