युवक ने लगाई फांसी, पत्नी पर प्रताड़ना और झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप
पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मृतक की पत्नी और उसके मायके वालों के भी बयान होंगे।
Publish Date: Sun, 01 Nov 2026 09:24:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Nov 2026 09:25:16 AM (IST)
HighLights
- जनकगंज इलाके की घटना
- स्वजनों ने लगाए गंभीर आरोप
- पोस्टमार्टम हाउस के बाहर हंगामा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के जनकगंज इलाके में शुक्रवार-शनिवार की रात करीब एक बजे 36 वर्षीय संतोष रजक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके स्वजनों का आरोप है कि संतोष की पत्नी पूनम प्रताड़ित करती थी। इसके चलते ही उसने फांसी लगाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मृतक की पत्नी और उसके मायके वालों के भी बयान होंगे।
पुलिस को तलाशी में नहीं मिला सुसाइड नोट
संतोष पुत्र महेश कुमार रजक रात को खाना खाकर कमरे में सोया था। रात करीब एक बजे उसने फांसी लगा ली। जब स्वजनों की नजर पड़ी, तब चीख-पुकार मच गई। इसके बाद उसे अस्पताल ले गए, लेकिन बचाया नहीं जा सका। फिर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। संतोष के स्वजनों ने पूनम को आत्महत्या का जिम्मेदार बताया।
आरोप-पूनम देती थी झूठा केस दर्ज कराने की धमकी
इस मामले में संतोष के स्वजनों ने आरोप लगाया है कि पूनम झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देती थी। वह उससे कहती थी कि उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराएगी।
फांसी लगाई तब भी बचाने का प्रयास नहीं किया, माता-पिता से मारपीट
स्वजनों का कहना है कि रात को जब संतोष ने फांसी लगाई, तब भी उसे बचाने का प्रयास नहीं किया गया। पूनम कमरे में ही मौजूद थी। उसे बचाने की जगह छत पर भागकर अपने मायके वालों को फोन करने लगी।
फिर सुबह पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पूनम के मायके वाले कई गाड़ियों से यहां पहुंच गए। इन लोगों ने जब पूनम को मौत का जिम्मेदार बताया तो यह लोग मारपीट करने लगे। बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट कर दी। माता-पिता का कहना है-पूनम के पति की मौत हुई थी, उसे यहीं रहना था। जबकि वह अपने मायके वालों के साथ जाने लगी। मायके वाले उसे गाड़ी में ले गए। गोविंदपुरी के पास पुलिस ने रोका। फिर दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ।