नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नगरीय विकास विभाग ने अब अवैध कालोनियों और भवन निर्माण की गड़बड़ियों को रोकने के लिए आटोमेटिक बिल्डिंग परमिशन अप्रूवल सिस्टम-3 (एबीपीएएस-3) को लागू करने की कवायद शुरू की है। इस सिस्टम को रैरा, राजस्व विभाग, टीएंडसीपी, संपदा 2.0, एमपीआइडीसी और एमएसएमइ विभागों से लिंक किया जाएगा।
इससे यह लाभ होगा कि जैसे ही किसी भूमि पर भवन निर्माण की अनुमति का आवेदन लगेगा, वैसे ही सिस्टम पर पता चल जाएगा कि इसके लिए रैरा की अनुमति की आवश्यकता है या नहीं या फिर राजस्व विभाग में यह जमीन किसके नाम पर है। इसका विशेष फायदा अवैध कालोनियों पर रोक लगाने में मिलेगा।
इसके अलावा पुरानी कालोनियां, जिनकी अनुमति निगम से जारी हुई थी, उनका ब्यौरा भी इस सिस्टम पर नजर आएगा। दरअसल, एबीपीएएस 2.0 के संचालन का जिम्मा सात वर्ष पहले अक्षरा इंटरप्राइजेज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। कंपनी ने ही इस सिस्टम को विकसित किया था और इसे प्रदेश के 406 नगरीय निकायों में लागू किया गया था। अब कंपनी का ठेका खत्म होने जा रहा है।
ऐसे में एबीपीएएस-3 की तैयारी की जा रही है। इस सिस्टम को लेकर शुरुआत में एमपीआइडीसी, एमएसएमइ और टीएंडसीपी को इंटीग्रेट किया जाएगा। टीएंडसीपी द्वारा आटोमेटेड ले-आउट प्रोसेस अप्रूवल एंड स्क्रूटनी सिस्टम (अलपास) के जरिये ले-आउट अप्रूव किए जाते हैं। चूंकि एबीपीएएस के माध्यम से भवन निर्माण की अनुमतियां जारी होती हैं, ऐसे में टीएंडसीपी में पास ले-आउट सीधे एबीपीएएस में नजर आने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा यह भी पता चल सकेगा कि भूमि कहीं उद्योग विभाग की तो नहीं है।
अभी तक नगर निगम में कालोनी सेल का काम आफलाइन किया जा रहा है यानी टीएंडसीपी से ले-आउट अप्रूव होने के बाद जब नगर निगम से अनुमति लेने की बारी आती है, तो सारी प्रक्रिया आफलाइन होती है। वहीं भवन निर्माण की प्रक्रिया आनलाइन की जाती है। अब नए सिस्टम में निगम से भी कालोनियों का अप्रूवल अब आनलाइन होगा। इसके अलावा अभी तक शहरी क्षेत्र में जिन कालोनियों के ले-आउट टीएंडसीपी से अप्रूव हो चुके हैं, उनका ब्योरा भी एबीपीएएस 3 पर नजर आएगा। इसके अलावा कालोनाइजर लाइसेंस भी आनलाइन ही जारी होंगे।
इसके लिए नगरीय विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों से उनके यहां स्वीकृति आफलाइन कालोनियों का ब्योरा मांगा है। इसे साफ्ट कापी में मांगा गया है, ताकि इसे आनलाइन दर्ज किया जा सके। नगर निगम मुख्यालय में इसके लिए विशेष रूप से तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर जानकारी तैयार कराई जा रही है। उधर प्रदेश सरकार द्वारा ई-नगर पालिका 2.0 की लांचिंग की भी तैयारी की जा रही है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
आटोमेटिक बिल्डिंग परमिशन के लिए नया प्लेटफार्म एबीपीएएस 3 लागू किया जा रहा है। इस सिस्टम में शुरूआत में एमपीआइडीसी, एमएसएमइ और टीएंडसीपी को जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कालोनियों के ले-आउट सहित कालोनाइजर लाइसेंस की सुविधा भी इसमें रहेगी।
भविष्य खोब्रागड़े, सहायक संचालक एवं नोडल अधिकारी एबीपीएएस नगरीय विकास विभाग