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भिंड के सतेंद्र लोहिया ने रचा इतिहास, न्यूजीलैंड के समंदर में लहराया तिरंगा; ऐसा करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बने

Gwalior News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले की मेहगांव तहसील के गाता गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया ने तैराकी में नया रिकार्ड बना...और पढ़ें

By Shivam PandeyEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 08:12:59 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 08:12:59 PM (IST)
भिंड के सतेंद्र लोहिया ने रचा इतिहास, न्यूजीलैंड के समंदर में लहराया तिरंगा; ऐसा करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बने
पद्मश्री सतेंद्र लोहिया ने तैराकी में रचा इतिहास

HighLights

  1. पद्मश्री सतेंद्र लोहिया ने तैराकी में रचा इतिहास
  2. भिंड जिले के गांव गाता के रहने वाले हैं पैरा खिलाड़ी सतेंद्र
  3. इंदौर में वाणिज्यकर विभाग में दे रहे सेवाएं

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की मेहगांव तहसील के गाता गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया ने तैराकी में नया रिकार्ड बनाया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के 24 किमी लंबे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग कुक स्ट्रेट को नौ घंटे 20 मिनट में तैरकर पार किया। कठिन लहरों, ठंडे पानी और तेज धाराओं के बीच कुक स्ट्रेट पार करना विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण ओपन वाटर तैराकी मानी जाती है।

ऐसा करने वाले एशिया के पहले तैराक

सतेंद्र यह उपलब्धि हासिल करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बन गए। वे इस अभियान के लिए 14 जनवरी 2026 को रवाना हुए थे, एक माह कठोर प्रशिक्षण के बाद 12 फरवरी को सुबह 10 बजे से तैराकी शुरू की। इस दौरान पानी का तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस था। गाता गांव के किसान परिवार में जन्मे सतेंद्र ने गांव की बेसली नदी में तैराकी सीखी।


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2014 में मिला ‘विक्रम पुरस्कार’

वर्ष 2007 में प्रोफेशनल तैराकी की शुरुआत की, 2018 में इंग्लिश चैनल पार करने वाली भारत की चार पैरा तैराकों की रिले टीम का हिस्सा रहे। 2014 में उन्हें मप्र सरकार का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘विक्रम पुरस्कार’ मिला। 2019 में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार प्रदान किया गया। 2024 में भारत सरकार ने उन्हें खेल क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा। वर्तमान में वे इंदौर में वाणिज्यकर विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।