अग्निवीर भर्ती: रात 1 बजे एंट्री और 3 बजे से शुरू होगी दौड़, ट्रेनों की किल्लत से अभ्यर्थियों के लिए सागर पहुंचना बनी बड़ी चुनौती
अब तक रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेन चलाने से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। सेना के अधिकारियों द्वारा करीब एक सप्ताह पूर्व ही पत्र लिखा जा चुका ह...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 08:01:17 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 08:01:46 PM (IST)
HighLights
- समय पर पहुंचने के लिए एक दिन पहले निकलना जरूरी
- सीमित ट्रेनों के कारण 'उत्कल एक्सप्रेस' पर रहेगा सबसे ज्यादा दबाव
- प्रशासन जुटा परीक्षा स्थल के बाहर टेंट और सुरक्षा व्यवस्था में
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक परीक्षा से पहले ही सागर पहुंचने की राह एक बड़ी परीक्षा बन गई है। अभ्यर्थियों को भर्ती स्थल पर रात एक बजे ही प्रवेश दिया जाएगा, जिसके ठीक बाद तड़के तीन बजे से शारीरिक परीक्षा और दौड़ शुरू हो जाएगी। इस वजह से अभ्यर्थियों को परीक्षा तिथि से एक दिन पहले ही सागर पहुंचना होगा। जिससे रात को एक बजे शारीरिक परीक्षा स्थल पर प्रवेश कर सकें।
चुनौती कारण सीमित संख्या में ट्रेन
सागर पहुंचना बड़ी चुनौती इसलिए है, क्योंकि ग्वालियर से सीमित संख्या में ट्रेन हैं। अब तक रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेन चलाने से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। सेना के अधिकारियों द्वारा करीब एक सप्ताह पूर्व ही पत्र लिखा जा चुका है।
ट्रेनों की सीमित संख्या ने बढ़ाई चिंता
ग्वालियर, भिंड और मुरैना क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा इस भर्ती में शामिल होने सागर जा रहे हैं। सबसे ज्यादा अभ्यर्थी भिंड और मुरैना के हैं। ग्वालियर से सागर के लिए नियमित ट्रेनों का विकल्प बेहद सीमित है। प्रतिदिन चलने वाली गाड़ियों में मुख्य रूप से जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा हमसफर और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें हैं, जिनका किराया अधिक है। अग्निवीर भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं होते, जो इन ट्रेनों का किराया का बोझ उठा सकें।
उत्कल एक्सप्रेस पर रहेगा सबसे अधिक दबाव
दिन के समय ग्वालियर से सागर के लिए एकमात्र विकल्प 'उत्कल एक्सप्रेस' ही है। ऐसे में ग्वालियर, मुरैना और भिंड से आने वाले हजारों अभ्यर्थियों का पूरा दबाव इसी एक ट्रेन पर रहने की संभावना है। पर्याप्त ट्रेनें न होने के कारण स्टेशनों और बोगियों में भारी भीड़ की स्थिति बन सकती है, जिससे समय पर सागर पहुंचना अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
परीक्षास्थल के बाहर अभ्यर्थियों के लिए टायलेट, बैठने के लिए टैंट की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन को लिखा है। स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा में रहेगी। - कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय