अमित शाह का ग्वालियर दौरा फिर टला: साडा में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन स्थगित, दिवाली के बाद तय होगी नई तारीख
अब दिवाली के बाद नई तारीख तय होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर एक-दो दिन में कार्यक्रम की नई प्रस्तावित तिथि सामने आने की उम्मीद है।
Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 02:06:26 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 02:07:05 PM (IST)
HighLights
- 29 अक्टूबर को प्रस्तावित था कार्यक्रम
- दिवाली के बाद तय हो सकती है नई तारीख
- 170 एकड़ में विकसित होगा टेलीकॉम टेक्नोलॉजी हब
डिजिटल टीम, ग्वालियर। ग्वालियर के साडा क्षेत्र में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दौरा दूसरी बार टल गया है। 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों परियोजना का भूमिपूजन प्रस्तावित था, लेकिन फिलहाल कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। अब दिवाली के बाद नई तारीख तय होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर एक-दो दिन में कार्यक्रम की नई प्रस्तावित तिथि सामने आने की उम्मीद है।
पहले 12 अक्टूबर को आने वाले थे गृहमंत्री
इससे पहले 12 अक्टूबर को भी भूमिपूजन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था, लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री की व्यस्तता के चलते इसे टालना पड़ा था। इस बार भी प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। एयरपोर्ट से मेला ग्राउंड तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। आयोजन की जिम्मेदारी साडा के साथ मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) को सौंपी गई है।
170 एकड़ में विकसित होगा टेलीकॉम टेक्नोलॉजी हब
- ग्वालियर में करीब 170 एकड़ जमीन पर देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद प्रस्तावित इस परियोजना में पांचवीं और छठी पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक (5जी और 6जी) सहित आधुनिक डिजिटल तकनीक से जुड़े उपकरणों का निर्माण किया जाएगा।
- परियोजना के शुरुआती चरण में करीब 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और 4,500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की घोषणा की गई है। भविष्य में इस औद्योगिक क्षेत्र के माध्यम से आठ से नौ हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परियोजना के आकार लेने से ग्वालियर को दूरसंचार उपकरण निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
एक ही क्षेत्र में लगेंगी उपकरण और कलपुर्जे बनाने वाली इकाइयां
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन ऐसा विशेष औद्योगिक क्षेत्र होता है, जहां दूरसंचार उपकरणों और उनसे जुड़े कलपुर्जों का निर्माण करने वाली कंपनियों को एक ही स्थान पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यहां मोबाइल फोन, एंटेना, राउटर, ऑप्टिकल फाइबर और 5जी उपकरणों के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। इससे मुख्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को जरूरी कलपुर्जे स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगे और परिवहन लागत में कमी आएगी।
ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, बिजली, पानी, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा, पात्रता और लागू नियमों के अनुसार कंपनियों को केंद्र सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना जैसी योजनाओं का लाभ भी मिल सकता है।
चीन पर निर्भरता घटाने और निर्यात बढ़ाने में मिलेगी मदद
- टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का एक प्रमुख उद्देश्य दूरसंचार उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है। देश में 5जी नेटवर्क के विस्तार और भविष्य में 6जी तकनीक की तैयारियों के लिए बड़ी मात्रा में आधुनिक उपकरणों की जरूरत होगी। स्थानीय स्तर पर इनके निर्माण से आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने और लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
- इसके साथ ही, घरेलू कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। परियोजना के विकसित होने से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ तकनीकी और अन्य रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इन संभावनाओं का वास्तविक लाभ परियोजना के क्रियान्वयन, निवेश और स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निर्भर करेगा।