रील्स देखने से मना किया तो गुस्सा होकर घर से भागा 8 साल का बच्चा, चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठकर ग्वालियर पहुंचा
बच्चा चंडीगढ़ का रहने वाला है। घर में मोबाइल पर रील्स देखने को लेकर उसे रोका गया था। इससे नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया। इसके बाद वह ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 03:35:39 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 03:36:07 PM (IST)
HighLights
- मोबाइल छीनने पर बिना बताए चंडीगढ़ से इंदौर एक्सप्रेस में बैठा बच्चा
- स्लीपर कोच में अकेले देखकर टीटीई की सतर्कता से बची जान
- ग्वालियर में आरपीएफ ने ट्रेन से सुरक्षित उतारा, मां से कराई बात
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मोबाइल पर रील्स देखने से रोकने पर नाराज आठ साल का बच्चा बिना बताए घर से निकल गया और ट्रेन में बैठकर चंडीगढ़ से ग्वालियर पहुंच गया। चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अकेले सफर कर रहे बच्चे पर चेकिंग के दौरान टीटीई की नजर पड़ी। संदेह होने पर उन्होंने आरपीएफ कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद ग्वालियर में आरपीएफ ने बच्चे को ट्रेन से उतारकर उसकी मां से फोन पर बात कराई।
जानकारी के अनुसार बच्चा चंडीगढ़ का रहने वाला है। घर में मोबाइल पर रील्स देखने को लेकर उसे रोका गया था। इससे नाराज होकर वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया। इसके बाद वह चंडीगढ़ से ट्रेन में सवार हो गया। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह कितनी दूर जा रहा है।
स्लीपर कोच में अकेला देखकर टीटीई को हुआ संदेह
ट्रेन नंबर 19308 चंडीगढ़-इंदौर एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान टीटीई ने बच्चे को स्लीपर कोच में अकेले बैठे देखा। बच्चे के साथ कोई अभिभावक नहीं था। पूछताछ में स्थिति संदिग्ध लगने पर टीटीई ने तत्काल आरपीएफ कंट्रोल रूम को सूचना दी।
ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर आरपीएफ ने बच्चे को सुरक्षित उतार लिया। इसके बाद उससे बातचीत कर उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई। आरपीएफ ने बच्चे की मां से संपर्क कर फोन पर उसकी बात भी कराई। इससे परिवार को बच्चे के ग्वालियर पहुंचने की जानकारी मिली।
टीटीई की सतर्कता से सुरक्षित मिला बच्चा
रेलवे में अकेले यात्रा कर रहे बच्चे की समय पर पहचान होने से उसे सुरक्षित बरामद किया जा सका। यदि टीटीई की नजर बच्चे पर नहीं पड़ती तो वह ट्रेन से आगे कहां पहुंचता, इसकी जानकारी परिवार को नहीं होती। आरपीएफ ने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उसके परिवार से संपर्क की प्रक्रिया पूरी की।