
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। थाटीपुर स्थित प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में अब बाबा नीब करोरी महाराज भी विराजेंगे। मंदिर में जनसहयोग से विकसित किए जा रहे भव्य द्वारिकाधीश लोक के अंतर्गत बाबा की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए मंदिर परिसर में निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रस्तावित मंदिर के तीन माह में पूर्ण होने की संभावना है। यह ग्वालियर में बाबा नीब करोरी महाराज का पहला मंदिर होगा, जिसको लेकर भक्तों में काफी उत्साह है।
द्वारिकाधीश मंदिर परिसर में देवाधिदेव महादेव के मंदिर के सामने पीपल के पेड़ के नीचे पहले से ही बजरंगबली की छोटी सी मढ़िया स्थापित है। इसके ठीक सामने आदिशक्ति विराजमान हैं। मंदिर समिति ने इसी स्थान पर हनुमानजी के समीप बाबा नीब करोरी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार बाबा को हनुमानजी और आदिशक्ति के मध्य स्थापित किया जाएगा। इससे परिसर में दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो जाएगी।
बाबा की प्रतिमा किस स्वरूप में स्थापित होगी, इस पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। मंदिर समिति के महासचिव जगदीश मित्तल ने बताया कि द्वारिकाधीश मंदिर में 14 नवंबर को अन्नकूट का आयोजन होगा। इस अवसर पर होने वाली बैठक में बाबा नीब करोरी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के स्वरूप पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा से जुड़ी तैयारियों को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मंदिर परिसर में निर्माण कार्य शुरू होने से भक्तों में भी उत्सुकता देखी जा रही है।
बाबा नीब करोरी महाराज को भक्त नीम करौली बाबा के नाम से भी जानते हैं। हनुमानजी के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा और आध्यात्मिक शिक्षाओं के कारण देश-विदेश में उनके अनुयायी हैं। हाल के वर्षों में उनके जीवन और हनुमान भक्ति से जुड़ी चर्चाओं के चलते लोगों की आस्था और लोकप्रियता में भी वृद्धि हुई है। उत्तराखंड स्थित कैंचीधाम बाबा का प्रमुख आश्रम है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मथुरा में उनकी समाधि स्थित है।
बाबा नीब करोरी के देश में ही नहीं, विदेश में भी बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। ग्वालियर नगर में भी उनके भक्तों की संख्या कम नहीं है। बाबा के अनुयायियों की लंबे समय से इच्छा थी कि नगर में बाबा का कोई स्थान हो, ताकि जो भक्त कैंचीधाम और मथुरा नहीं जा पाते हैं, वे भी उनके दर्शन कर सकें। हनुमान अंश फिल्म की लोकप्रियता से बाबा के संबंध में श्रद्धालुओं की जिज्ञासा और श्रद्धा और अधिक बढ़ी है।
थाटीपुर के प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर को भव्य स्वरूप देने के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से द्वारिकाधीश लोक का निर्माण कराया जा रहा है। जनसहयोग से विकसित हो रहे इस धार्मिक परिसर में बाबा नीब करोरी महाराज की स्थापना को भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस लोक के बनने से ग्वालियर में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।