नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नोटबंदी के 10 साल बाद 27 सितंबर को दूसरी बार रविवार को सभी राष्ट्रीकृत व ग्रामीण बैंक खुले और कामकाज भी समान्य दिनों की तरह हुआ। चूंकि सोमवार से बुधवार तक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बैंक बंद रहेंगे। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन यूएफबीयू के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर की जा रही है।
चूंकि तीन दिन बैंक बंद रहेगी, इसलिए लोग, खासतौर से व्यापारी बैंक में पहुंचे और अपने जरूरी काम निपटाए। जिससे उन्हें आगामी तीन दिनों तक परेशानी न हो।
यहां बता दें कि हड़ताल का असर जिले की करीब 150 बैंक शाखाओं पर पड़ेगा, क्योकि इनमें काम करने वाल 1500 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि एटीएम से से नगद निकासी, यूपीआई से भुगतान, नेट बैंकिंग व डेबिट व क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने की सुविधाएं जारी रहेंगे।
इस तरह से हुआ बैंकों में सामान्य कारोबार
नईदुनिया ने शहर की तीन बैंकों का जायजा लिया। जिनमें काम काज सामान्य दिखा। लोग भी बैंकों के काउंटरों पर अपने काम कराते हुए दिखाई दिए। टीम ने बैंक आफ महाराष्ट्रा, पंजाब एंड सिंध बैंक व भारतीय स्टेट बैंक का जायजा लिया। इन बैंकों में न केवल सभी कर्मचारी अपने काउंटरों पर मौजूद थे, बल्कि लोग भी लेनदेन सहित अन्य बैंकिंग कामों को कराते हुए दिखे।
ग्वालियर जिले की 150 से अधिक बैंक शाखाओं में लटकेगे ताले, 1500 कर्मचारी रहेंगे कामबंद पर
अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार, 28 सितंबर से सभी राष्ट्रीयकृत (सरकारी) बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। इस हड़ताल के चलते जिले भर की 150 से अधिक सरकारी बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी, जिससे करीब 1500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कामकाज ठप कर हड़ताल में शामिल रहेंगे।
करोड़ों का वित्तीय लेनदेन होगा ठप
सोमवार से बुधवार तक चलने वाली इस तीन दिवसीय बंदी के कारण बैंकिंग से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। बैंकों में नकदी जमा करने, निकासी, चेक क्लीयरेंस, आरटीजीएस व एनईएफटी फंड ट्रांसफर, डिमांड ड्राफ्ट बनवाने और फिक्स्ड डिपाजिट से जुड़े काम पूरी तरह रुक जाएंगे। महीने के अंतिम दिनों में बैंकों की इस बंदी से अंचल का व्यापार, उद्योग, परिवहन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
एटीएम भी हो सकते हैं खाली, नकदी की किल्लत की आशंका
हड़ताल के शुरुआती दिन यानी सोमवार को तो एटीएम में मौजूद नकदी से कुछ हद तक ग्राहकों को राहत मिल सकती है, लेकिन लगातार तीन दिनों तक बैंकों से कैश फीडिंग न होने के कारण मंगलवार और बुधवार तक अधिकांश एटीएम खाली होने की संभावना है। ऐसे में आम नागरिकों और व्यापारियों को नकद राशि के लिए परेशान होना पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग जैसे आनलाइन यूपीआई, नेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
बैंक कर्मचारी सोमवार को बाड़े पर करेंगे प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी सोमवार को महाराज बाड़े पर धरना व प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद सोमवार को वे सिटी सेंटर में पीएनबी बैंक के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन व नारेबाजी करेंगे। इसके बाद बुधवार को वे सिटी सेंटर की एसबीआई के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। यह जानकी कारी यूएफबीयू के जिलाध्यक्ष विवेक रावत ने दी है।
कब कब खुले रविवार को बैंक
13 नवंबर 2016: इस दिन बैंकों को नोटबंदी के दौरान रुपये बदलने के लिए खोला गया था।
31 मार्च 2019 व 2024: सरकार के राजस्व, टैक्स कलेक्शन और बजट आवंटन के सभी लेनदेन 31 मार्च की आधी रात से पहले दर्ज होना अनिवार्य होता है। इसलिए इन दोनों दिन रविवार होने के बाद भी बैंक खोले गए। लेकिन इन दिनों आमजन ने कोई लेनदेन नहीं किया था।