
ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के मंदिरों में मंगलवार को भैरव अष्टमी हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। सर्वार्थ सिद्धि एवं आनंद योग में इस बार भैरव अष्टमी पड़ रही है, जो आराधना करने वालों के विशेष फलकारी है। ज्योतिषाचार्य पं.दीपक गोस्वामी ने बताया कि काल भैरव भगवान शिव का 5वां रुद्र माने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार मार्गशीष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन ही काल भैरव का अवतरण हुआ था। भगवान काल भैरव का जन्म मध्य रात्रि में हुआ था, इसलिए इनकी पूजा भी मध्यरात्रि में ही करने की अधिक मान्यता है। पं.गोस्वामी ने बताया कि काल भैरव भगवान का रौद्र व प्रचंड रूप है। यदि कोई व्यक्ति काल भैरव जयंती के दिन उनकी पूजा करता है, तो उसे मनचाही सिद्धियां प्राप्त हो जाती हैं। भगवाल काल भैरव को तंत्र का देवता माना जाता है।
इसलिए इनकी पूजा करने से बुरी शक्तियों का भी नश होता है। क्योंकि काला कुत्ता भैरव की सवारी है, इसलिए भैरव अष्टमी के दिन काले कुत्ते को भोजन करने का विशेष महत्व है। काल भैरव का हथियार दंड माना जाता है, इसलिए इन्हें दंडपति भी कहा जाता है।
शुभ मुहूर्तः
काल भैरव अष्टमी तिथि आरंभ 19 नवंबर दोपरह 3ः45 बजे से होगी व समाप्त 20 नवंबर दोपहर 1ः41 बजे तक होगी। हनुमान व शिव मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
क्योंकि काल भैरव भगवान शिव का रौद्र रूप है। इस बार अष्टमी मंगलवार को पड़ रही है। इसलिए शहर के शिव मंदिरों के साथ ही हनुमानजी के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ेगी।
- 117 साल पुराना प्राचीन त्रिमूर्ति भैरव मंदिर बच्छराज का बाड़ा सराफा बाजार में विशेष पूजा अर्चना व शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। इस अवसर पर बाबा भैरव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। उन्हें चांदी का मुकुट व छत्र चढ़ाए जाएंगे।
- माधवगंज चौराहा स्थित भैरव मंदिर पर भी विशेष पूजा अर्चना व प्रसाद वितरण किया जाएगा।
- कसेराओली सराफा बाजार स्थित भैरव मंदिर में भी अनुष्ठान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंगलवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मंदिरा का विशाल घंटा बजाकर व मंगोड़े, कचोड़ी व इमरती आदि का भोग लगाकर श्रद्धालु भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास करेंगे।
-गेंडेवाली सड़क स्थित रामकुई की पहाड़िया पर बने प्राचीन भैरव मंदिर पर भी धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
-रामदास घाटी स्थित बड़े भैरो मंदिर पर विशेष पूजा अर्चना होगी। इस मौके पर सुबह अभिषेक कर प्रसाद वितरण किया जाएगा।
-नयाबाजार स्थित भैरों मंदिर पर फूल बंगला सजाया जाएगा। इसके साथ ही अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे।