नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तारागंज स्थित करोड़ों की बेशकीमती जमीन जिला प्रशासन की टीम ने जिस मनोहरलाल भल्ला से मुक्त कराई है, वह पहले से जमीनों को लेकर विवादों में है। आगरा-मुंबई हाइवे पर स्थित मोतीझील पर बड़ी फल मंडी का मामला पहले ही सामने आ चुका है। जिसमें सहकारी समिति के माध्यम से इसे बसाने वाले अध्यक्ष मनोहरलाल भल्ला पर आरोप हैं कि बिना परमिशन व नियमों के फल मंडी बनाई गई और 150 करोड़ की जमीन पर प्लाट, नए सदस्य बनाकर बेचे जा रहे हैं।
इस मामले में सहकारिता विभाग की दो सदस्यीय जांच कमेटी और प्रशासन की ओर से एसडीएम ग्वालियर सिटी ने जांच कराई थी। फल मंडी कुल 50 बीघा में है और यह जमीन सहकारी संस्था के माध्यम से ली गई थी। फल मंडी सहकारी संस्था के पदाधिकारियों पर करोड़ों के बंदरबांट का आरोप है।
बता दें कि जिला प्रशासन ने हाल ही में तारागंज स्थित माफी के रामजानकी मंदिर से बाउंड्रीवाल को हटाने की कार्रवाई की, जिसे मनोहरलाल भल्ला ने कब्जाने का प्रयास किया और प्लाट बेचने की तैयारी थी।
भल्ला का इससे पहले फ्रूट मंडी का विवाद सामने आ चुका है। इस मामले में दिनेश रावत ने प्रशासन व पुलिस से शिकायत की थी। जिसमें बताया है कि सर्वे क्रमांक 911, 901, 880, 913, 900 , 912, 914, 907 सरकारी भूमि (1.0870 हेक्टेयर) ग्राम मालनपुर व अन्य नंबर 445 अकबरपुर मौजा में स्थित है।
उपरोक्त जमीन फ्रूट मार्केट ट्रेडर्स गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित ग्वालियर द्वारा अध्यक्ष मनोहर लाल भल्ला नाम से खसरों में लगभग 36 बीघा जमीन सहकारी संस्था की है, जिसकी मार्केट वैल्यू लगभग चार करोड़ रुपये बीघा है।
उपरोक्त जमीन शहर व ग्राम निवेश, नगर निगम की परमिशन के बिना ही कुछ सदस्यों, बिल्डर व रिश्तेदारों को दे दी गई है। अपने हाथ के नक्शे पर भिन्न-भिन्न साइज के 5000 ,7000, 14000 वर्गफुट के प्लाट काटे और सभी की कुल 115000 रुपये में रजिस्ट्री कर दी गई है।
वहीं कुछ प्लाट 25 लाख, 29 लाख, 26 लाख रुपये में बिल्डर को भी बेचे गए हैं। कई लोगों को दो तो किसी को तीन प्लाट दिए गए हैं। जो राशि रजिस्ट्री में लिखी गई है, वह खाते में शो नहीं कर रहे हैं। सदस्यों को शहर व ग्राम निवेश की झूठी परमिशन दिखाकर रजिस्ट्री की गई है।
मनोहर लाल भल्ला के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मंदिर की भूमि को बेच दिया जाता तो कई लोग फंस सकते थे। दूसरी जगह भी कब्जे की पड़ताल कराई जा रही है।
-रमाशंकर सिंह, तहसीलदार,लश्कर।