ग्वालियर: पड़ाव थाने के सामने बेखौफ बदमाशों का दुस्साहस, नाश्ता सेंटर संचालक को दिनदहाड़े मारी गोली
शुरुआती जांच में मामला अंतरजातीय प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रंजिश से जुड़ा नजर आ रहा है।
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 09:52:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 09:59:48 PM (IST)
गोली चलने के बाद घायल सोनू पाल के परिजनों से पूछताछ करते पुलिसकर्मी। नईदुनिया नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बेखौफ बदमाशों ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए पड़ाव थाने के ठीक सामने बांके बिहारी नाश्ता सेंटर के संचालक अशोक पाल को दिनदहाड़े गोली मार दी। वारदात शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे तब हुई, जब अशोक स्वजनों के साथ दुकान पर बैठे थे। स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने ग्राहकों के सामने गोली मार दी। गोली कमर में लगी और अशोक लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोली मारने वाले दोनों बदमाशों की पहचान छोटू जाटव व भूरा खान के रूप में हुई है।
फरियादी ने पुरानी छावनी के रहने वाले दिनेश यादव, संदीप यादव, छोटू यादव पर दो साथियों के साथ वारदात में शामिल होने की की बात कही है। इन्हीं से भांजे के प्रेम प्रसंग को लेकर अदावत चल रही थी, जिसके चलते अशोक को टारगेट किया गया। दिनेश और संदीप को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
अंतर्जातीय प्रेम-प्रसंग से जुड़ी है रंजिश की कड़ी
शुरुआती जांच में मामला अंतरजातीय प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रंजिश से जुड़ा नजर आ रहा है। दिनेश यादव की भतीजी प्रकाश के भतीजे ब्रजेश से प्रेम करती थी और गत 22 सितंबर को अपनी मर्जी से उसके साथ चली गई थी। हालांकि, 26 सितंबर को युवती वापस लौट आई और पुलिस के समक्ष अपनी इच्छा से जाने के बयान दर्ज कराए। इस घटनाक्रम के बाद से ही आरोपी पक्ष, ब्रजेश और उनके परिवार से रंजिश रखने लगा था।
आरोपियों खुद कैमरे के सामने बैठे, भाड़े के शूटरों से चलवाई गोली
वारदात के बाद जब पुलिस मामले की जांच करने नामजद आरोपित दिनेश और संदीप के घर पहुंची तो दोनों अपने घर में सीसीटीवी कैमरों के सामने बैठे मिले। पुलिस की प्राथमिक पड़ताल और फरियादी के बयानों के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपितों ने खुद को बचाने के लिए स्व्यं को कैमरों की निगरानी में रखा और सुनियोजित साजिश के तहत भाड़े के शूटरों से इस वारदात को अंजाम दिलाया।
एफआरवी गोली चलते ही पीछे लगी, रास्ता दूसरा चुना तो भाग निकले
गोली चलते ही अफरा-तफरी मच गई। पड़ाव थाने की एफआरवी सामने ही थी। बदमाशों के पीछे एफआरवी लगी, लेकिन बदमाशों ने दूसरा रास्ता पकड़ लिया। बदमाश प्लेटफार्म-4 की तरफ भागे, जबकि एफआरवी गांधी नगर के अंदर घुस गई।
रोज की तरह सुबह करीब पांच बजे दुकान खोली थी। मैं बड़े भाई अशोक पाल, नाथू सिंह, सोनू सिंह और बालकृष्ण भी यहां उपस्थित थे। सुबह करीब 11.30 बजे की बात है। दुकान पर ग्राहक थे। इसी दौरान पड़ाव चौराहा की ओर से स्प्लेंडर पर दो व्यक्ति आए इन्होंने फायर किया। मैं पीछे की तरफ हट गया तो गोली बड़े भाई अशोक पाल को जाकर लगी। गांधी नगर की ओर से दिनेश यादव और संदीप यादव, छोटू यादव आए थे। चारों ने मिलकर गोली मारी है। भांजे बृजेश के साथ दिनेश यादव की भतीजी चली गई थी। तभी से यह रंजिश रखे हैं। - प्रकाश पाल, जैसा कि फरियादी ने नईदुनिया को बताया।