ग्वालियर (नप्र)। जैन पार्श्वनाथ नया जैन मंदिर में चल रहे सात दिवसीय बाल संस्कार शिक्षण शिविर मे शनिवार को बच्चों को पूजन करने की विधि सिखाई गई। जिसमें शिक्षक पं. विजय कुमार जैन, पं. पवन जैन, पं. चिन्मय जैन, पं. सजल जैन, मंजू जैन ने छोटे छोटे बच्चों को धर्मिक शिक्षा दी। साथ ही बच्चों को भगवान का पूजन, आभिषेक करने की विधि सिखाई गई। वहीं बच्चों से धार्मिक प्रश्न पूछे गए और सही जबाब देने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। शिविर के दौरान बच्चों के लिए कैरियर से सम्बंधित सेमीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मोटिवेशन गुरू नीरज छाबड़ा ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें जीवन में आगे बढ़ना है तो अपने लक्ष्य को निर्धारित करना होगा, हमें अपने मार्ग का सही चुनाव करना होगा। असंमजस की स्थिति से निकलना होगा। उन्होंने बताया कि जीवन को यह गोल्डन समय का सद प्रयोग करोगे तो निश्चित ही सुनहरे भविष्य का निर्माण कर सकोगे। मोबाईल को अपने ज्ञान और पढ़ाई का साधन बनाओ। कैरियर को बनाने के लिए मेहनत करो।

हलाल की अवधारणा को भारत पर थोपना षड्यंत्र

मामा माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास के तत्वावधान में पुस्तक चर्चा एवं समीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें ख्यात लेखक देवेश खंडेलवाल की पुस्तक हलाल प्रमाणन पर चर्चा में बुद्घिजीवियों ने आंखें खोलने वाले सच से परिचय कराया। चर्चा में कहा गया कि हलाल की अवधारणा को भारत पर थोपना एक बड़े वैश्विक षड्यंत्र का हिस्सा है। ऐसे षड्यंत्रों के प्रति भारत के समाज को जागरुक रहकर चिंतन करना चाहिए। चर्चा में साहित्य समीक्षा प्रमुख डा राजकुमार वाजपेयी ने भी भाग लिया। नगर की प्रसिद्घ समाजसेवी और साहित्यकार डॉ. करूणा सक्सेना शिक्षाविद एवं साहित्यकार डॉ वंदना सेन साहित्यकार संगीता गुप्ता सहित अन्य वक्ताओं ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भारत में हलाल प्रमाणन की आवश्यकता ही नहीं है, फिर भी इसे भारत में सरकार की व्यवस्था के सामानांतर चलाया जा रहा हैं। जो की कानून और बहुसंख्यक समाज के साथ धोखा है।

Posted By: anil tomar

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