CNG कार चालक ध्यान दें: बिना 'हाइड्रो टेस्ट' सर्टिफिकेट पंपों पर नहीं मिलेगी गैस, रीफिलिंग से पहले नियम सख्त
सुरक्षा के लिहाज से देश और प्रदेश की कई गैस वितरण कंपनियों ने वाहनों में गैस रीफिलिंग से पहले हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट देखना अनिवार्य करना शुरू कर दिय...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 07:56:33 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 07:57:30 PM (IST)
HighLights
- हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों में सख्ती
- हर 3 साल में हाइड्रो टेस्ट कराना अनिवार्य
- असुविधा से बचने के लिए तुरंत कराएं जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। यदि आप भी CNG कार का इस्तेमाल करते हैं और अब तक अपने वाहन में लगे गैस सिलेंडर का हाईड्रो टेस्ट नहीं कराया है, तो आगामी दिनों में आपको बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बिना हाईड्रो टेस्ट और उसके वैध प्रमाण पत्र के सीएनजी पंपों से कार में गैस मिलना मुश्किल हो जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से देश और प्रदेश की कई गैस वितरण कंपनियों ने वाहनों में गैस रीफिलिंग से पहले हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट देखना अनिवार्य करना शुरू कर दिया है।
सुरक्षा कारणों से लिया गया बड़ा फैसला
पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन और गैस वितरण कंपनियों के नियमों के अनुसार, सीएनजी चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा निर्णय लिया गया है।
सीएनजी सिलेंडरों में अत्यधिक उच्च दबाव पर गैस भरी जाती है। लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण सिलेंडरों में अंदरूनी जंग, दरारें या कमजोरी आने की आशंका बनी रहती है, जिससे बड़े हादसे होने का जोखिम रहता है।
ऐसे में बिना चेकिंग और बिना वैध प्रमाण पत्र वाले वाहनों में गैस भरना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
नियमानुसार 3 साल में एक बार हाईड्रो टेस्ट कराना अनिवार्य
वाहन विशेषज्ञों और नियमों के मुताबिक, प्रत्येक सीएनजी कार मालिक को अपने वाहन के सिलेंडर का हर तीन साल में कम से कम एक बार हाइड्रो टेस्ट कराना अनिवार्य होता है। इस टेस्ट के दौरान सिलेंडर को वाहन से निकालकर अधिकृत टेस्टिंग सेंटर पर ले जाया जाता है, जहां पानी के भारी दबाव के जरिए सिलेंडर की मजबूती, सहनक्षमता और सुरक्षा स्थिति की गहन जांच की जाती है। सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने पर ही इसका अधिकृत सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
तुरंत कराएं टेस्टिंग, परेशानी से बचें
- शहर और अंचल में बड़ी संख्या में सीएनजी वाहनों का संचालन हो रहा है। कई वाहन मालिक जानकारी के अभाव में या लापरवाही बरतते हुए सालों-साल बिना टेस्टिंग कराए ही गाड़ियां चला रहे हैं।
- लेकिन अब पंपों पर सख्ती शुरू होने से ऐसे चालकों को बिना गैस के ही लौटना पड़ सकता है।
- गैस कंपनियों ने सभी सीएनजी वाहन मालिकों से कहा है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए अपने पास के अधिकृत सीएनजी सिलेंडर टेस्टिंग सेंटर पर जाकर जल्द से जल्द हाइड्रो टेस्ट कराएं और अपना प्रमाण पत्र वाहन में सुरक्षित रखें, ताकि रीफिलिंग के दौरान उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।