गूगल से निकाला वोल्टास का कस्टमर केयर नंबर... APK फाइल भेज महिला के खाते से उड़ाए 81,700; साइबर ठगी का शिकार
एसी ठीक कराने के नाम पर वाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी। महिला ने फाइल खोल दी, जिसके बाद मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड हो गया। कुछ दिन बाद महिला के बैंक खाते से...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 09:24:16 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 09:25:09 PM (IST)
HighLights
- एसी रिपेयर के नाम पर जालसाजी
- APK फाइल से ऐप डाउनलोड
- खाते से निकले 81,700 रुपये
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। एसी से पानी टपकने की शिकायत के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर तलाशना थाटीपुर की 50 वर्षीय महिला को भारी पड़ गया। महिला ने वोल्टास कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर फोन किया तो साइबर ठग ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताकर संपर्क किया। एसी ठीक कराने के नाम पर वाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी। महिला ने फाइल खोल दी, जिसके बाद मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड हो गया। कुछ दिन बाद महिला के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 81,700 रुपये निकाल लिए गए।
गूगल पर वोल्टास कंपनी का कस्टमर केयर नंबर महिला ने खोजा
थाटीपुर थाना क्षेत्र के एम/50, एम ब्लॉक शासकीय क्वार्टर निवासी सुगंति भगत पत्नी कोमलराम भगत ने पुलिस को शिकायत की है कि 24 जुलाई को उनके घर के एसी से पानी टपक रहा था। उन्होंने गूगल पर वोल्टास कंपनी का कस्टमर केयर नंबर तलाशकर उस पर फोन किया। वहां से बताया गया कि कंपनी का कर्मचारी उनसे संपर्क करेगा।
कुछ देर बाद अनजान नंबर से आया फोन
कुछ देर बाद महिला के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया और एसी ठीक कराने से पहले भुगतान करने की बात कही। इसके बाद उसने महिला के वाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी। महिला ने भरोसा कर फाइल खोल दी। फाइल खुलते ही मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड हो गया।
छह दिन बाद खाते से निकल गए रुपये
छह दिन बाद महिला के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 81,700 रुपये किसी अनजान व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए। खाते से रकम निकलने के बाद महिला को साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल बैंक पहुंचकर अपना खाता ब्लाक कराया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि महिला के खाते से रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और ठगी की रकम की आगे कहां-कहां निकासी हुई। इसके आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।