मंथन नशा मुक्ति केंद्र में कॉन्स्टेबल की पिटाई से मौत: लीवर-स्पलीन फटने से गई जान, संचालक समेत 4 पर केस
पीएम रिपोर्ट की फोरेंसिक विशेषज्ञों से कराई गई क्वेरी में सामने आया कि मृत्यु के 24 घंटे के भीतर पेट पर लगी चोटों के कारण लीवर और स्पलीन फट गए थे। पेट...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 06:34:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 06:35:01 PM (IST)
आरक्षक अजय भदौरिया का फाइल फोटो।HighLights
- पेट पर गंभीर चोटों से फटा लीवर
- चोट के बाद नहीं कराया इलाज
- सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केस दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती भिंड निवासी आरक्षक अजय भदौरिया की मौत के मामले में पुलिस ने जांच के बाद मंथन नशा मुक्ति केंद्र के संचालक मनीष दुबे, अजय पांडे, सुपरवाइजर मोहित राणा सहित अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक के साथ मारपीट कर चोट पहुंचाई गई और गंभीर चोटों के बावजूद समुचित इलाज नहीं कराया गया, जिससे उसकी मौत हुई।
पेट में लगी चोटें बनी मृत्यु का कारण
पुलिस के अनुसार अजय भदौरिया 17वीं बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ था और जिला रायसेन में ड्यूटी कर रहा था। छुट्टी पर आने के दौरान 23 जुलाई 2025 को उसे सर्वधर्म कॉलेज, चितौरा रोड स्थित मंथन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था।
अगले दिन 24 जुलाई को केंद्र की ओर से स्वजन को अजय की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। उसे मुरार अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जया आरोग्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटें पाई गईं। प्रारंभिक रिपोर्ट में पेट में लगी चोटों को मृत्यु का कारण बताया गया था।
पुलिस ने जांच में कई लोगों के लिए बयान
बाद में मेडिकल दस्तावेज और पीएम रिपोर्ट की फोरेंसिक विशेषज्ञों से कराई गई क्वेरी में सामने आया कि मृत्यु के 24 घंटे के भीतर पेट पर लगी चोटों के कारण लीवर और स्पलीन फट गए थे। पेट में करीब 1.5 लीटर रक्त पाए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों और नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, सुपरवाइजर, कर्मचारियों तथा वहां भर्ती अन्य लोगों सहित कई साक्षियों के बयान दर्ज किए। केंद्र से संबंधित पंजीयन प्रमाण पत्र, नियमावली, सदस्यता सूची, मरीजों के रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए।
केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी पुलिस ने जब्त की और उसमें सुरक्षित वीडियो फुटेज का साक्षियों के समक्ष अवलोकन कर पंचनामा तैयार किया। मृतक के स्वजन देवदत्त भदौरिया ने सात अगस्त 2025 को आवेदन देकर नशा मुक्ति केंद्र के संचालक और अन्य लोगों पर मारपीट कर अजय की हत्या करने का आरोप लगाया था।