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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएंडडी वेस्ट के दो प्लांट के संचालन के लिए निगम को नहीं मिल रहे ठेकेदार

400 केवी ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट के लिए तीन बार टेंडर करने के बाद भी कोई फर्म इच्छुक नहीं है। इस सोलर प्लांट को लाल टिपारा स्थित गौशाला में स्थापित...और पढ़ें

By Priyank SharmaEdited By: anil tomar
Publish Date: Tue, 06 Aug 2024 09:59:34 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Aug 2024 09:59:34 AM (IST)
सीएंडडी वेस्ट के दो प्लांट के संचालन के लिए निगम को नहीं मिल रहे ठेकेदार
जलालपुर स्थित सीएंडडी वेस्‍ट प्‍लांट।

HighLights

  1. निगम ने सीएंडडी वेस्ट प्लांट पर पौने दो करोड़ रुपये तो खर्च कर दिए
  2. इन प्लांटों को चलाने के लिए निगम को ठेकेदार ही नहीं है
  3. अब पांचवी बार निकाला है निगम ने प्लांट चलाने के लिए टैंडर

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम को रैंकिंग का फायदा दिलाने के लिए जरूरी दो प्लांट अब सफेद हाथी बन चुके हैं। नगर निगम ने सीएंडडी वेस्ट प्लांट पर पौने दो करोड़ रुपये तो खर्च कर दिए, लेकिन अब इसके संचालन के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि थक-हारकर निगम को पांचवीं बार टेंडर प्रक्रिया करनी पड़ रही है।

वहीं 400 केवी ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट के लिए तीन बार टेंडर करने के बाद भी कोई फर्म इच्छुक नहीं है। इस सोलर प्लांट को लाल टिपारा स्थित गौशाला में स्थापित किया जाना है, ताकि 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट के बिजली के खर्च में कुछ कमी की जा सके। इसके चलते निगम के अधिकारी बार-बार नियम-शर्तों में गुंजाइश तलाश रहे हैं। नगर निगम ने वर्ष 2022 में पौने दो करोड़ रुपए की लागत से 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाला सीएंडडी वेस्ट प्लांट जलालपुर पर तैयार कर लिया।


इस प्लांट के संचालन के लिए निगम को ठेकेदार फर्म की तलाश है, जो शहर से निर्माण एवं विध्वंस सामग्री (मकानों या सड़क का मलबा) इकट्ठा कर प्लांट पर ले जाए और वहां इससे पेवर ब्लाक तैयार करे। इनसे वह प्लांट के संचालन का खर्चा निकालने के साथ ही नगर निगम को भी राजस्व प्रदान करे। कई बार प्रयास के बावजूद निगम को इसके लिए कम कीमत के आफर ही मिल रहे हैं। पिछली टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ 25 हजार रुपये प्रतिमाह का आफर मिला था, जिसे निगम ने नकार दिया। अब पांचवीं बार टेंडर किए जा रहे हैं, ताकि ज्यादा पैसे का आफर प्राप्त हो सके। हालांकि इसकी संभावना काफी कम नजर आ रही है।

1.92 करोड़ की लागत, ठेकेदार मांग रहे ढाई करोड़

सोलर प्लांट के लिए निगम ने 1.92 करोड़ की लागत तय की है। गौशाला में तैयार किए नए टीनशेड के ऊपर 400 केवीए का सोलर प्लांट लगाया जाना है, जो बिजली उत्पादन कर सीधे पावर ग्रिड में सप्लाइ कर सके। इसके बदले में गौशाला में मौजूद सीएनजी प्लांट के बिजली के बिल का समायोजन किया जा सकेगा और प्लांट के बिल की राशि कम हो सकेगी। इसके लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया करने के बावजूद ठेकेदार फर्में कम से कम ढाई करोड़ की मांग कर रही हैं। ऐसे में निगमायुक्त हर्ष सिंह ने एक बार फिर से टेंडर बुलाने के निर्देश दिए हैं।