
ग्वालियर। विशेष सत्र न्यायालय ने 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान दीपक जाटव की हत्या करने वाले बॉबी उर्फ योगेन्द्र सिंह तोमर निवासी तोमर बिल्डिंग थाटीपुर के खिलाफ फिर से हत्या का केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने वारंट जारी कर अगली सुनवाई पर उसे तलब किया है। यहां बता दें कि पुलिस ने बॉबी तोमर को दीपक जाटव की हत्या के मामले में क्लीन चिट दे दी थी और चालन में उसका नाम शामिल नहीं किया था, जबकि उसके नाम से हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसटी/एससी एक्ट को लेकर बनाई गई गाइड लाइन के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। भारत बंद के दौरान भीड़ ने शहर में उपद्रव के साथ-साथ आगजनी कर दी थी। इस दौरान लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ भी की गई थी। जब लोगों ने अपना बचाव किया तो उपद्रव जातीय संघर्ष में बदल गया और भीड़ में से किसी ने गोली चला दी।
जिससे दीपक जाटव की मौत हो गई। मोहन जाटव ने थाटीपुर थाने में आवेदन देकर दीपक जाटव की हत्या का आरोप ऋषभ भदौरिया, ऋषि गुर्जर, महेन्द्र सिंह चौहान व बॉबी तोमर पर लगाया था। पुलिस ने धारा 302, 147, 148, 149 व एसटी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। आरोप ऋषभ भदौरिया, ऋषि गुर्जर, महेन्द्र सिंह चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और ये न्यायिक हिरासत में हैं, लेकिन बॉबी तोमर के खिलाफ धारा 173 के तहत जांच की गई। इस जांच में उसे हत्या के मामले से क्लीन चिट दे दी गई। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अभय पाटिल ने की।
पुलिस ने ऐसे दी बॉबी को क्लीन चिट -
- बॉबी तोमर ने घटना के वक्त खुद को रूपसिंह स्टेडियम के पास स्थित नगर निगम कार्यालय में उपस्थिति दिखाई और रजिस्टर पर मैनुअली हस्ताक्षर कर अपनी हाजिरी दर्शायी, लेकिन 4 अप्रैल के बाद से वह लगातार छुट्टी पर रहा। उसने पुलिस के समक्ष दो अप्रैल के उपस्थिति पत्रक को पेश किया। इसी के आधार पर हत्या के मामले में उसे क्लीन चिट दे दी और चालान में नाम भी शामिल नहीं किया। उसके पक्ष में कुछ साक्षियों के कथन लिए और उसे क्लीन चिट दे दी।
कोर्ट ने ऐसे बनाया बॉबी को आरोपी -
धारा 161 के तहत मोहन जाटव, राजेन्द्र, भूप सिंह, रमेश कन्नाोजिया के कथन लिए गए। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त बॉबी तोमर को बंदूक के साथ देखा था। उसने ही मृतक के ऊपर फायर किए थे। इन साक्षियों ने बॉबी को फायर करते हुए देखा था। पुलिस ने बाद में धारा 164 के तहत कुछ साक्षियों से शपथ पत्र पर कथन लिए। जिसमें उन्होंने साक्ष्यों में बॉबी की अन्य जगह उपस्थिति बताई गई।
- कोर्ट ने पूरे चालान का अवलोकन कर पाया कि बॉबी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के पर्याप्त आधार भी हैं। इसलिए मामले को संज्ञान में लेते हुए बॉबी पर धारा 302, 147, 148, 149 व एसटी/एसटी एक्ट का इजाफा किया जाता है। विशेष सत्र न्यायालय में विधिवत केस दर्ज किया जाए। बॉबी को वारंट जारी किया जाए और वह अगली सुनवाई पर उपस्थित रहे।