
Court News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर में माफी औकाफ के मंदिरों को लेकर 1200 करोड़ के घोटाले के मामले में सेवानिवृत्त जज एनके मोदी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट की एकलपीठ में हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखते हुए याचिका का निराकरण कर दिया। वहीं इस मामले में याचिका को जबलपुर स्थानांतरित करने की मांग भी शिकायतकर्ता की ओर से की गई है।
बता दें कि नईदुनिया ने 26 जुलाई के अंक में मंदिरों की 1200 करोड़ की जमीन निजी नाम से दर्ज की शीर्षक से इस पूरी बंदरबांट का खुलासा किया था। इसमें बताया था कि संभागीय माफी अधिकारी सत्यप्रकाश शुक्ला ने इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट दी है। तत्कालीन आयुक्त ग्वालियर संभाग दीपक सिंह की ओर से कलेक्टर ग्वालियर अक्षय कुमार सिंह को पूरी जांच रिपोर्ट भेजी गई और निर्देशित किया गया कि यह माफी के सर्वे नंबर किस तरह निजी नामों पर चढ़ गए और इसमें किन किन अधिकारियों का दोष है यह जांच की जाए। जगनापुरा हल्के की मंदिर जमीन पर सेवानिवृत्त जज एनके मोदी का नाम चढ़ा हुआ है। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता संकेत साहू की ओर से चीफ जस्टिस आफ इंडिया और मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट जबलपुर से याचिका को जबलपुर स्थानांतरित करने की मांग की गई है।