क्यूआर कोड स्कैन करते समय बरतें सावधानी: साइबर ठगों का नया पैंतरा, एक स्कैन में खाली हो जाएगा बैंक खाता
क्यूआर कोड से जुड़ा यह नया जाल ठगी का माध्यम बन गया है। इस संबंध में ग्वालियर पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। ग्वालियर में इस तरह का एक मामला साइबर क्रा...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 08:20:05 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 08:21:31 PM (IST)
HighLights
- दुकानों पर असली की जगह चिपका रहे फर्जी क्यूआर
- लॉटरी और कैशबैक के लालच में न करें स्कैन
- भुगतान से पहले दुकानदार से जरूर करें पुष्टि
अमित मिश्रा, नईदुनिया, ग्वालियर। डिजिटल भुगतान के इस दौर ने हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाया है, साइबर ठगों ने उतनी ही तेजी से ठगी के नए और खतरनाक रास्ते भी तलाश लिए हैं। अब धोखाधड़ी के लिए केवल फर्जी फोन काल या ओटीपी ही नहीं, बल्कि आपका एक छोटा सा गलत स्कैन आपकी कमाई को पलभर में साफ कर सकता है।
दरअसल, क्यूआर कोड से जुड़ा यह नया जाल ठगी का माध्यम बन गया है। इस संबंध में ग्वालियर पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। ग्वालियर में इस तरह का एक मामला साइबर क्राइम विंग के पास पहुंचा है, जिसमें दुकानदार को किया गया भुगतान ठगों के पास पहुंच गया।
इस तरह हो रही क्यूआर कोड से ठगी
दुकानों पर असली की जगह नकली क्यूआर कोड चिपकाना : सामने आया है कि ठग रात के अंधेरे या भारी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर नामी दुकानों, पेट्रोल पंपों और पार्किंग स्थलों पर लगे असली क्यूआर कोड के ऊपर अपने क्यूआर कोड का स्टीकर चिपका देते हैं। ग्राहक खरीदारी के बाद जब भुगतान करने के लिए इस कोड को स्कैन करता है, तो पैसा दुकानदार के पास पहुंचने के बजाय सीधे ठग के खाते में चला जाता है।
इनाम, लाटरी और कैशबैक का लालच: अक्सर मोबाइल पर ऐसे लुभावने संदेश आते हैं- बधाई हो! आपने 50,000 रुपये का इनाम जीता है, तुरंत नीचे दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें और पैसे पाएं। वाट्सएप, ईमेल या एसएमएस के जरिए भेजे जाने वाले इन संदेशों का एकमात्र उद्देश्य लोगों को झांसे में लेना होता है। जैसे ही कोई लालच में आकर कोड स्कैन करता है, उसके बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं।
मोबाइल हैक और फिशिंग लिंक: कई बार फर्जी क्यूआर कोड खतरनाक फिशिंग वेबसाइट्स या मालवेयर अटैक का जरिया बनते हैं, जिससे पीड़ित का पूरा मोबाइल फोन हैक हो सकता है और पर्सनल डाटा तक चोरों के हाथ लग सकता है।
बचाव के उपाय
दुकान पर पेमेंट करते समय जांच लें : किसी भी दुकान पर भुगतान करने से पहले अच्छी तरह देख लें कि क्यूआर कोड स्टीकर चिपकाया हुआ तो नहीं है। संदेह होने पर दुकानदार से मौखिक रूप से पुष्टि जरूर करें।
अज्ञात मैसेज से सावधान रहें : इनाम, लाटरी या कैशबैक का लालच देने वाले किसी भी मैसेज या ईमेल में दिए गए क्यूआर कोड को कभी स्कैन न करें।
हाल ही में नए तरीके का फ्राड देखने को मिला है। इसमें ठग अब दुकानों के बाहर अपना क्यूआर लगाकर ठगी कर रहे हैं। लुभावने मैसेज भेजकर क्यूआर कोड से मोबाइल हैक भी किया जा सकता है। मालवेयर अटैक हो सकता है। सबको सतर्क रहने की आवश्यकता है। - संजीव नयन शर्मा, डीएसपी, राज्य साइबर पुलिस