
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठगों से सरकारी अधिकारियों के खाते भी सुरक्षित नहीं हैं। भितरवार जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ एलएन पिप्पल साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर यूपीआई के जरिए उनके एसबीआई खाते से 98 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है।
खास बात यह रही कि जिस वक्त रकम निकाली जा रही थी, उसी समय उनका मोबाइल अचानक लॉक होकर निष्क्रिय हो गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न किसी को ओटीपी बताया, न किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही किसी संदिग्ध व्यक्ति से बात की। इसके बावजूद उनके खाते से रकम निकल गई, जिससे साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस में दिए आवेदन के अनुसार, सीईओ का खाता एसबीआई की भितरवार शाखा में है। 1 नवंबर को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच उनका मोबाइल अचानक काम करना बंद कर गया और स्क्रीन लॉक हो गई। मोबाइल दोबारा चालू होने पर यूपीआई ऐप चेक करने पर 6 संदिग्ध ट्रांजैक्शन के प्रयास मिले। इनमें से तीन सफल रहे।
सफल ट्रांजैक्शन में रोहित चुग के नाम 20 हजार रुपये, दसरी विश्वास के नाम 50 हजार रुपये और अजहरुल इस्लाम के नाम 28 हजार रुपये निकाले गए। कुल 98 हजार रुपये निकल गए। जबकि तीन प्रयास असफल रहे। लालचंद टीया के नाम 12,100 रुपये, अमन के नाम 60 हजार और तारा कंवर के नाम 20 हजार रुपये के प्रयास विफल हो गए। यानी ठगों ने कुल 1.90 लाख से अधिक निकालने की कोशिश की थी।
घटना के बाद सीईओ ने 2 नवंबर को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक प्रबंधन व थाना भितरवार में लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कर रकम वापस दिलाने की मांग की है। बिना ओटीपी और लिंक के मोबाइल लॉक होने के दौरान यूपीआई भुगतान कैसे हुए, यह जांच का विषय है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल में मालवेयर या सिम स्वैपिंग जैसी तकनीक से सेंध लगाई गई हो सकती है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।