ग्वालियर में डेंगू की पॉजिटिविटी दर 27.9% से घटकर 2.1% पर आई, फिर भी बना हुआ है खतरा
हर साल डेंगू के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने के साथ पॉजिटिविटी रेट में कमी राहत की बात मानी जा रही है।
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 04:16:26 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 04:16:46 PM (IST)
HighLights
- 5 साल के आंकड़े और गिरावट
- बारिश के बाद बढ़ता खतरा
- बचाव और जरूरी सावधानियां
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पिछले छह वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो डेंगू की पॉजिटिविटी रेट में लगातार गिरावट आई है। बावजूद इसके डेंगू का डर सता रहा है। क्योंकि वर्षा और उसके बाद के मौसम में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की सक्रियता बढ़ने का खतरा बना रहता है। वर्ष 2021 में जहां जांच कराने वाले लोगों में 27.9 प्रतिशत मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले थे, वहीं वर्ष 2026 में अब तक यह दर घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई है।
हालांकि हर साल डेंगू के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने के साथ पॉजिटिविटी रेट में कमी राहत की बात मानी जा रही है।
साल 2021 रहा था सबसे अधिक चिंताजनक
वर्ष 2021 डेंगू संक्रमण के लिहाज से सबसे अधिक चिंताजनक रहा था। उस वर्ष 9,464 लोगों की जांच में 2,636 मरीज पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद वर्ष 2022 में संक्रमण दर में तेजी से गिरावट आई। इस साल 5,509 टेस्ट में 670 मरीज पॉजिटिव पाए गए और पॉजिटिविटी रेट 12 प्रतिशत रही। वर्ष 2023 में जांच का दायरा बढ़ाकर 16,050 टेस्ट किए गए, लेकिन 1,174 मरीज पॉजिटिव मिलने के बावजूद संक्रमण दर घटकर 7.3 प्रतिशत पर आ गई।
डेंगू की स्थिति
- वर्ष डेंगू टेस्ट पॉजिटिव केस पॉजिटिविटी रेट
- 2021 9,464 2,636 27.9%
- 2022 5,509 670 12%
- 2023 16,050 1,174 7.3%
- 2024 23,436 1,476 6.3%
- 2025 3,422 221 2.3%
- 2026 4,177 90 2.1%
क्यों है डर
- वर्षा के बाद मच्छरों की सक्रियता बढ़ती है।
- कहीं-कहीं डेंगू के मामलों में उतार चढ़ाव बना रहता है।
- लोगों में जागरूकता की कमी और लापरवाही भी खतरा बनाए रखती है।
- बुखार को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
बचाव के लिए जरुरी कदम
- घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें
- कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करें
- गमलों में पानी नहीं रहने दें
- बुखार आने पर समय पर जांच कराएं
- मच्छरदानी, रिपेलेंट का उपयोग करें