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52 लाख की सब्सिडी फिर भी नहीं मिले खरीदार: ग्वालियर-दतिया समेत MP के 8 जिलों में शुगरकेन हाईटेक हब के लिए आवेदन फिर शुरू

मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय ने ग्वालियर और छिंदवाड़ा, दतिया, धार, बुरहानपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम समेत प्रदेश के आठ जिलों में शुग...और पढ़ें

By Anil TomarEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 08:12:21 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 08:12:58 PM (IST)
52 लाख की सब्सिडी फिर भी नहीं मिले खरीदार: ग्वालियर-दतिया समेत MP के 8 जिलों में शुगरकेन हाईटेक हब के लिए आवेदन फिर शुरू
प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. ₹1.70 करोड़ के प्रोजेक्ट पर 40% तक सरकारी अनुदान
  2. 28 सितंबर तक विभागीय पोर्टल पर दोबारा मौका
  3. गन्ने की आधुनिक खेती के लिए मिलेगी भारी मशीनरी

अनिल तोमर, नईदुनिया, ग्वालियर। अंचल में आधुनिक खेती और गन्ने की फसल के यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय ने ग्वालियर और छिंदवाड़ा, दतिया, धार, बुरहानपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम समेत प्रदेश के आठ जिलों में शुगरकेन हाईटेक हब स्थापित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

इस योजना में 1.70 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 40 प्रतिशत यानि अधिकतम 52 लाख रुपये तक का भारी-भरकम शासकीय अनुदान दिया जा रहा है।

इसके बावजूद, ग्वालियर और दतिया सहित सभी आठ चिह्नित जिलों से एक भी पात्र हितग्राही या किसान आगे नहीं आया। अब विभाग ने दोबारा से शुगरकेन हाइटेक हब के लिए आवेदन मांगे हैं।

जून में मांगे थे आवेदन, लेकिन कोई नहीं आया सामने

कृषि विभाग ने शुगरकेन हाइटेक हब के लिए जून महीने में आवेदन मांगे थे, लेकिन ग्वालियर ही नहीं प्रदेश कि चयनित जिलों में से एक भी हितग्राही ने आवेदन नहीं किया। ऐसे में अब एक बार फिर विभाग ने गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए योजना शुरू की है और आवेदन मांगे हैं। दतिया व ग्वालियर को इस योजना में इसलिए चयनित किया गया है, क्योंकि इन दोनों ही जिलों में गन्ने की खेती होती है।


अब 28 सितंबर तक मौका

लक्ष्य के विरुद्ध कोई आवेदन प्राप्त न होने पर कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय ने योजना के लिए आवेदन की समय-सीमा पुनः बढ़ा दी है। अब इच्छुक किसान और उद्यमी 28 सितंबर तक विभागीय पोर्टल पर आनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। ग्वालियर और दतिया क्षेत्र के आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रोजेक्ट अवलोकन 29 व 30 सितंबर को मेला ग्राउंड के सामने, रेस कोर्स रोड स्थित संभागीय कृषि यंत्री कार्यालय में किया जाएगा। इसके बाद एक अक्टूबर को भोपाल में कंप्यूटराइज्ड लाटरी के जरिए प्राथमिकता सूची जारी की जाएगी।

क्या है शुगरकेन हाइटेक हब, कौन-कौन-सी मशीने मिलेंगी

शुगरकेन यानी गन्ना हाईटेक हब मुख्य रूप से गन्ने की खेती को आधुनिक बनाने और उसके यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक योजना है। इसके तहत किसानों, कृषक समूहों या कृषि उद्यमियों को एक ही स्थान पर गन्ने की बुवाई, रखरखाव और कटाई से जुड़ी आधुनिक और भारी मशीनें उपलब्ध कराई जाती हैं। हाईटेक हब में शुगरकेन हार्वेस्टर इन्फील्डर, हाई-पावर ट्रैक्टर, रेटून मैनेजर, शुगरकेन कटर प्लांटर, सब साइलर आदि मशीने हैं। इसके साथ ही 50 एचपी से कम का ट्रैक्टर और मल्टी टूलबार जैसे ऐच्छिक यंत्र भी शामिल किए जा सकते हैं।

एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से मिलेगा सस्ता कर्ज

योजना के तहत चयनित आवेदकों को बैंक ऋण की सुविधा मिलेगी और वे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत ब्याज में राहत पाने के भी हकदार होंगे। स्वीकृत ऋण की अदायगी अधिकतम नौ वर्षों में करनी होगी।

शुगरकेन हाइटेक हब स्थापित करने की योजना में प्रदेश के आठ जिलों में ग्वालियर व दतिया भी शामिल था। लेकिन इस योजना के तहत हब लगाने के लिए किसी भी उम्मीदवार ने जून महीने में आवेदन नहीं किए। यहां तक कि प्रदेश भर में कोई सामने नहीं आया। इसलिए दोबारा से आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक किसान आवेदन कर हाइटेक हब लगा सकते हैं। - टीआर पाटीदार, इंजीनियर, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, ग्वालियर।