ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री वीरसागर महाराज, मुनिश्री विशालसागर महाराज एवं मुनिश्री धवल सागर महाराज का नगर आगमन हुआ। मुनिसंघ की मंगल प्रवेश यात्रा पड़ाव स्थित निर्मल साधना जैन के निवास से गाजे बाजों के साथ निकाली गई। इसमें सैकड़ों गुरु भक्त गुरु के जयकारों के साथ शामिल हुए।
वहीं महिलाएं बैंड की धुन पर गरबा करती हुईं शोभायात्रा के आगे चल रहीं थी। शोभा यात्रा फूलबाग से होती हुई गोपाचल पर्वत पहुंची। यहां मुनिश्री ने एकता का संदेश दिया। मुनिश्री वीरसागर महाराज ने कहा कि ग्वालियर नगर में विश्व विख्यात भगवान पार्श्वनाथ स्वामी की अतिशयकारी प्रतिमा विराजित है, यह तुम्हारा सौभाग्य है। आज इस पावन भूमि पर आकर आनंद की अनुभूति हो रही है। मुनिश्री ने कहा कि समाज और धर्म को पंथवाद में मत बांटो। यदि तुम्हें समाज का विकास करना है तो एकता के सूत्र में बंधना होगा। अपने-अपने स्वार्थों को भूलकर धर्म के प्रति समर्पित हो जाओ। तुम्हारे भीतर होनहार भगवान है, जो चैतन्य आत्मा के रूप में विराजित है उसे जागृत करो। मुनिश्री विशाल सागर महाराज ने कहा कि ग्वालियर वालों की गुरु भक्ति में यदि शक्ति होगी तो निश्चित ही संतशिरोमणी आचार्यश्री विद्यासागर महाराज तुम्हारे नगर में पधारेंगे। इससे पूर्व न्यास मंत्री अजीत वरैया, जैन महापंचायत के अध्यक्ष पारस जैन, डा. वीरेंद्र कुमार गंगवाल, अनिल शाह, अनुपम चौधरी, पदम जैन ने मुनिश्री की आगवनी की। संचालन डा. विकास जैन ने किया।
गोपाचल के पास बनेगा भव्य संत निवासः धर्मसभा में मुनिश्री की प्रेरणा से प्रभावित होकर समाज के लोग आगे आये और निर्णय लिया गया कि गोपाचल के नजदीक दस हजार फीट जमीन पर एक भव्य संतनिवास का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए आज अनेक लोगों ने आर्थिक सहयोग भी किया।