बदलती तकनीक और नए कानूनों पर मंथन, ग्वालियर में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी का बड़ा सम्मेलन; SC-HC के जज होंगे शामिल
पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन में मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के न्यायिक अधिकारी और न्यायाधीश शामिल होंगे।
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 09:37:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 09:37:37 PM (IST)
HighLights
- कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय आयोजन
- AI, डिजिटल साक्ष्य और नए कानूनों पर चर्चा
- 5 तकनीकी सत्रों में न्यायिक शिक्षा पर मंथन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। न्यायिक शिक्षा को बदलती कानूनी और तकनीकी जरूरतों के अनुरूप विकसित करने को लेकर दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन शनिवार सुबह 9:30 बजे से ग्वालियर में शुरू होगा। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होगा।
सम्मेलन में मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के न्यायिक अधिकारी और न्यायाधीश शामिल होंगे।
दो दिनों में पांच तकनीकी सत्र होंगे
'न्यायिक शिक्षा के नए आयामों का विस्तार' विषय पर होने वाले सम्मेलन में न्यायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल साक्ष्य, साइबर कानून, नई आपराधिक विधियों, न्यायिक नैतिकता और समावेशी न्याय जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा। दो दिनों में पांच तकनीकी सत्र आयोजित होंगे, जिनमें न्यायिक शिक्षा की वर्तमान व्यवस्था से लेकर भविष्य की प्रशिक्षण जरूरतों तक पर चर्चा होगी।
न्यायिक अधिकारी भी लेंगे हिस्सा
सम्मेलन में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से 20 न्यायिक अधिकारियों को नामांकित किया गया है। इनमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तथा सिविल जज स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों और हाई कोर्ट से जुड़े न्यायिक अधिकारी भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। शनिवार को उद्घाटन सत्र के बाद न्यायिक शिक्षा की आवश्यकता, उभरती प्रक्रियाओं, गुणवत्ता मानकों और संस्थागत उत्कृष्टता पर चर्चा होगी।
रविवार को न्यायिक शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण पर रहेगा फोकस
इसके बाद प्रशिक्षण में नवाचार, अनुभव से सीखने और न्यायिक अकादमियों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने जैसे विषयों पर सत्र होंगे। रविवार को सम्मेलन का फोकस न्यायिक शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण पर रहेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जनरेटिव एआइ, साइबर कानून, डिजिटल साक्ष्य और डेटा संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। अंतिम सत्र में निष्पक्षता, तटस्थता, न्यायिक नैतिकता, नई आपराधिक विधियों के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्णय क्षमता विकसित करने पर मंथन किया जाएगा।
सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव सचदेवा सहित विभिन्न हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के भी शामिल होने की संभावना है। बाहरी राज्यों से आने वाले न्यायिक अधिकारी भी शुक्रवार शाम को शहर में आ चुके हैं।