सांदीपनि स्कूलों में मर्ज हुए शिक्षकों के लिए DPI की गाइडलाइन जारी, पदस्थापना के मिलेंगे 2 विकल्प
लोक शिक्षण संचालनालय ने विलय प्रक्रिया से प्रभावित हुए शिक्षकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नई गाइडलाइन के तहत प्रभावित शिक्षकों को स...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 09:38:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 09:39:34 PM (IST)
HighLights
- यथावत रहने या ट्रांसफर चुनने का मिलेगा मौका
- काउंसलिंग और वरिष्ठता के आधार पर तय होगी नई पोस्टिंग
- ग्वालियर संभाग के 47 सांदीपनि स्कूलों से जुड़े कई विद्यालय
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे सांदीपनि विद्यालय योजना के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों के विलय के बाद अब शिक्षकों के समायोजन और पदस्थापना को लेकर स्थिति साफ हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने विलय प्रक्रिया से प्रभावित हुए शिक्षकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नई गाइडलाइन के तहत प्रभावित शिक्षकों को स्वेच्छा से स्कूल चुनने या यथावत रहने का बड़ा विकल्प दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तर पर लागू इस व्यवस्था के तहत ग्वालियर-चंबल अंचल में सांदीपनि स्कूलों के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों का विलय सांदीपनि परिसरों में किया गया है। अकेले ग्वालियर शिक्षा संभाग में ऐसे 47 सांदीपनि स्कूल संचालित हैं, जिनसे दर्जनों प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय संबद्ध किए गए हैं।
शिक्षकों के पास होंगे यह दो विकल्प
- सांदीपनि स्कूल में बने रहने का विकल्प: यदि कोई शिक्षक विलय के बाद सांदीपनि विद्यालय में ही अपनी सेवाएं जारी रखना चाहता है, तो उसे वहीं यथावत पदस्थ रखा जाएगा। इसके लिए उन्हें कोई अलग से जटिल प्रक्रिया नहीं अपनानी होगी।
- दूसरे स्कूल में स्थानांतरण का विकल्प: जो शिक्षक सांदीपनि स्कूल के बजाय किसी अन्य शासकीय विद्यालय में जाना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए विधिवत आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
काउंसलिंग के जरिए तय होगी नई पदस्थापना
डीपीआई ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक अन्य विद्यालयों में जाना चाहते हैं, उनके आवेदनों पर पारदर्शिता के साथ विचार किया जाएगा। इसके लिए जिला और संभाग स्तर पर काउंसिलिंग प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों की वरिष्ठता और रिक्त पदों की उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए लोक शिक्षण संचालनालय भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही संबंधित शिक्षकों को नए आवंटित विद्यालयों में पदस्थ किया जाएगा।
इसलिए मर्ज किए गए स्कूल
स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है। 15 किलोमीटर के दायरे के छोटे व कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने से संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। वहीं शिक्षकों को स्वेच्छा से स्कूल चुनने का अवसर देने से शिक्षकों में असंतोष नहीं रहेगा और पठन-पाठन की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।