
ग्वालियर। विशेष सत्र न्यायालय में बुधवार को आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी ने ये कहते हुए गवाही देने से मना कर दिया कि उसकी जान को खतरा है और पुलिस उसे प्रताड़ित कर रही है। मामला साल 2004 में सॉल्वर बिठाकर पीएमटी परीक्षा देने का है।
आशीष ने कहा कि वीडियो रिकार्डिंग करके उसकी निजता भंग की जा रही है। इस समस्या का निराकरण कर जब तक उनके आवेदन पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक वे गवाही नहीं देंगे। सीबीआई ने आशीष को मप्र शासन बनाम गौरव गुप्ता केस में गवाह के रूप में पेश किया था। राहुल यादव केस में भी जान का खतरा बताकर आशीष ने गवाही नहीं दी।
गौरव गुप्ता व राहुल यादव ने साल 2004 में सॉल्वर बिठाकर पीएमटी पास की थी। व्यापमं कांड के खुलासे के बाद गौरव गुप्ता, राहुल यादव, संतोष चौरसिया, सुरेन्द्र वर्मा पर एसआईटी ने केस दर्ज किया। आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी ने एसआईटी के प्रभारी को एक पत्र भेजा था, जिसमें पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत की थी।
एसआईटी ने इस केस में आशीष चतुर्वेदी को गवाह बनाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह केस सीबीआई को हेंडओवर हो गया। सीबीआई ने अतिरिक्त जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया था। सीबीआई के अधिवक्ता सौरव वर्मा ने कोर्ट में आशीष चतुर्वेदी को गवाह के रूप में उपस्थित किया। उसने कोर्ट में गवाही देने से इनकार कर दिया। उसने एक आवेदन पेश कर बताया कि उनकी जान को खतरा है और पुलिस वाले उसे प्रताड़ित कर रहे हैं।
आशीष ने कहा कि वीडियो रिकार्डिंग करके उसकी निजता भंग की जा रही है। जब तक उनके आवेदन पर कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वे गवाही नहीं देंगे। इस संबंध में कोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता सौरव वर्मा से सवाल किया कि उसकी गवाही कराना चाहते हैं। अधिवक्ता ने कहा कि सीबीआई उसकी गवाही चाहती है। गवाह ने पुलिस के ऊपर आरोप लगाए हैं, उससे सीबीआई का कोई लेनादेना नहीं है। कोर्ट ने आदेश दिया कि उसके आवेदन पर सीबीआई कोई कार्रवाई करना चाहती है तो उसके लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने गवाही के लिए और मौका दिया है।
राहुल यादव केस में कोर्ट कर चुका है मुक्ति
पीएमटी कांड के सरगना राहुल यादव ने 12वीं सप्लीमेंट्री की बात छिपाई थी। जिस पर एसआईटी ने आशीष चतुर्वेदी की शिकायत पर अलग से केस दर्ज किया था। इस केस में झांसी रोड पुलिस ने फरियादी व मुख्य गवाह आशीष चतुर्वेदी को बनाया है, लेकिन आशीष चतुर्वेदी ने अपनी जान को खतरा बताकर गवाही देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कई मौके दिए, लेकिन वह गवाही के लिए तैयार नहीं हुआ। आखिर में आशीष चतुर्वेदी को गवाही से मुक्त कर दिया गया। आशीष की वजह से केस की ट्रायल डेढ़ साल ज्यादा खिंच गई है।
- गौरव गुप्ता का दूसरा केस है, जिसमें आशीष चतुर्वेदी ने अपना पुराना राग अलापना शुरू कर दिया है। जान को खतरा बताकर गवाही देने से इनकार कर दिया है।
- अगर गौरव गुप्ता केस में आशीष चतुर्वेदी गवाही नहीं देता है तो उसका फायदा आरोपियों को मिल सकता है।
- गौरव गुप्ता केस में सीबीआई पुलिस कर्मियों की गवाही करा चुकी है। अब स्वतंत्र गवाहों की गवाही शुरू हो गई है।