Electricity Bill Recovery Campaign in Gwalior: बलवीर सिंह.ग्वालियर। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंधन ने सिटी सर्कल को 92 करोड़ का राजस्व वसूली का टारगेट दिया है। इतना टारगेट सुनकर अधिकारियों के भी पसीने छूट गए हैं। टारगेट दुगना है, क्यों ग्वालियर से अधिकतम राजस्व 50 करोड़ रुपये अाता है। जिन क्षेत्रों से राजस्व की वसूली होनी थी, उनसे कंपनी 2021 में कर चुकी है। वह इलाके रह गए हैं, जो बिजली का बिल जमा नहीं करते हैं। कनेक्शन काटने जाने पर हमले होते हैं।
शहर में बिजली कंपनी का 400 करोड़ से अधिक का बकाया है। बकाया वसूल करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक चलाए गए अभियान में बिजली कंपनी 50 करोड़ ऊपर नहीं निकल सकी है। पुराने बकाये में से 5 से 6 करोड़ रुपये ही वसूल कर पा रही थी। जो नए बिल जारी होते थे, उसमें 20 फीसद लोग बिल नहीं भरते थे, जिससे नया बकाया जुड़ जाता था। इससे चलते बकाया बढ़ रहा था। साथ ही बकाये पर जो ब्याज है, वह भी बढ़ रहा है। बिजली कंपनी ने वर्तमान में जारी होने वाली डिमांड के बकाये को वसूल करने का टारगेट दिया है। साथ में पुराने बकाये में से 50 करोड़ रुपये वसूल करना है। इसके अचलते वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक लेना भी शुरू कर दी है। जोन कार्यालयों के स्टाफ पर भी सख्ती की जा रही है। जिनके ऊपर बकाया है, उनके मीटर उखाड़ लिए जा रहे हैं।
यह व्यवस्था की बकाया वसूल करने की
- बिजली कंपनी ने बकाया वसूल करने के लिए पोल टू पोल कनेक्शन काटने की व्यवस्था शुरू कर दी है। 3 हजार रुपये से ऊपर बकाया है, उसका कनेक्शन काटा जा रहा है। बकाया जमा होने के बाद ही कनेक्शन जुड़ रहा है। इससे विवाद भी बढ़े हैं।