नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जाली दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के नेटवर्क को लेकर एसटीएफ (विशेष कार्यबल) के हाथ बेहद चौंकाने वाले सुराग लगे हैं। जांच में सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े का सरगना रियाल चौधरी बैंक लेनदेन के लिए 'किराए के खातों' का इस्तेमाल कर रहा था। इस पूरे मामले में ग्वालियर के जनकगंज इलाके में रहने वाला फरार बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम एक बेहद अहम कड़ी बनकर उभरा है। इसी के नाम रियाल चौधरी ने खाता खुलवाया खुलवाया।
विदिशा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया, फिर इस खाते का सारा एक्सेस उसने अपने पास ले लिया। उसने अपने पे-वालेट से गुलाबराय गौतम का खाता अटैच कर रखा था। अब पुलिस ने गुलाब राय गौतम उर्फ सम्यक बोधि सहित 13 लोगों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इनकी तलाश में मप्र सहित अलग-अलग राज्यों में टीमें लगी हैं।
कमीशन के एवज में दिया बैंक खाते का पूरा एक्सेस
एसटीएफ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रियाल चौधरी बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम के सीधे संपर्क में था। रियाल ने साजिश के तहत भिक्षु का एक बैंक खाता विदिशा स्थित बैंक शाखा में खुलवाया था। खाता इस्तेमाल करने के एवज में मास्टरमाइंड भिक्षु को नियमित तौर पर तय रकम (कमीशन) देता था। रियाल अपने पे-वालेट को इसी बैंक खाते से जोड़कर सारा आर्थिक लेनदेन संचालित कर रहा था और रकम भी खुद ही निकालता था।
दस्तावेजों पर बौद्ध भिक्षु के हस्ताक्षर, दूसरों को भी मिलाया साथ
जांच अधिकारी ने बताया कि फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए तैयार किए गए जाली दस्तावेजों पर फरार बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम के हस्ताक्षर बतौर गवाह मौजूद हैं। इतना ही नहीं, भिक्षु के इशारे पर गयाप्रसाद गौतम उर्फ ज्ञानज्योति ने भी गवाह के रूप में अपने हस्ताक्षर किए थे। फिलहाल एसटीएफ की टीम फरार बौद्ध भिक्षु गुलाब राय गौतम की सरगर्मी से तलाश कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि भिक्षु की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य नामों का खुलासा हो सकेगा।
विदिशा जाने का दिखावा
जब इस मामले का खुलासा हुआ तो गुलाबराय गौतम ने विदिशा जाने का दिखावा किया। वह ग्वालियर से भाग गया। वह यहां पुलिस के पास शिकायत लेकर गया था कि उसके खाते में से रियाल चौधरी ने पैसा निकाल लिया, जबकि हकीकत यह है- इसी ने अपने खाते को कमीशन के लालच में उसे सौंपा था।
ग्वालियर में पासपोर्ट बनवाने वाले यह बांग्लादेशी फरार
किटू राय, शुभा मुतशुद्धि, अमित चौधरी, संजय सरकार, साकेत चौधरी, सुमन सरकार, राजीव राय, अरिना राय, सूरज राय, सुजीत राय, राकी राय, लावुल राय, दीपक घोष, हिंगोतो अधिकारी।
यह अब तक पकड़े जा चुके हैं
- सरगना रियाल चौधरी
- विप्लव अधिकारी
- गयाप्रसाद गौतम, जिसके हस्ताक्षर से तीन पासपोर्ट बने।
- जाय चौधरी
- प्रियान चौधरी
- नसीम अख्तर- एजेंट
पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले और जिन लोगों के पासपोर्ट बने हैं, ऐसे 13 लोगों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इसमें ग्वालियर का बौद्ध भिक्षु गुलाबराय गौतम भी शामिल है। इनकी तलाश में टीमें लगाई हैं। - राहुल लोढ़ा, डीआईजी, एसटीएफ