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ग्वालियर हादसा: गदाईपुरा में बुझ गए घरों के चिराग, किसी ने खोया भाई तो किसी ने उठाया जवान बेटा

एक ही मोहल्ले पांच मौतों ने पूरे इलाके को शोक और मातम में डुबो दिया।

By Anil TomarEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 09:40:15 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 09:40:54 PM (IST)
ग्वालियर हादसा: गदाईपुरा में बुझ गए घरों के चिराग, किसी ने खोया भाई तो किसी ने उठाया जवान बेटा
मृतक हेमंत राठौर की नेत्रहीन बहन सिमरन अपने द्वारा पैरा लिंपिक में जीते मेडल के साथ अपने भाई की याद में परिजनों के साथ गमगीन बैठी हुई। राकेश वर्मा

HighLights

  1. पैरा खिलाड़ी बहन से छिना भाई का सहारा
  2. मकान गिरवी रखकर डॉक्टर बनाने का टूटा सपना
  3. मन्नत के बाद हुए 15 साल बाद के इकलौते बेटे

अनिल तोमर, नईदुनिया, ग्वालियर। शीतला माता मंदिर पर हुए भीषण हादसे ने गदाईपुरा को ऐसा जख्म दिया है, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा। एक ही मोहल्ले पांच मौतों ने पूरे इलाके को शोक और मातम में डुबो दिया। हादसे में त्यागी परिवार के चाचा अशोक त्यागी और उनके दो भतीजों की असमय मौत हुई। जिन बच्चों को परिवार अपना चिराग मानता था, वे अब नहीं रहे।

नेत्रहीन नेशनल पैरा खिलाड़ी से छीन गया भाई

इसी दुर्घटना ने जन्म से नेत्रहीन नेशनल पैरा खिलाड़ी सिमरन राठौर से उसका 22 वर्षीय भाई छीन लिया। हेमंत ही बहन का सहारा था और उसे राष्ट्रीय स्तर की पैरा खिलाड़ी बनाने के लिए लगातार मदद करता था। एक अन्य परिवार में पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए मकान गिरवी रखा था, लेकिन मेडिकल की पढ़ाई कर रहे पवन की भी हादसे में मौत हो गई।


शाम को सीएम-सिंधिया पहुंचे, बंधाया ढांढस

गदाईपुरा में शोकाकुल परिवारों के घरों से उठती चीख-पुकार और स्वजन के आंसुओं के बीच सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और शासन की ओर से सहायता राशि दी। इलाके के लोगों के लिए यह हादसा कई परिवारों की दुनिया उजाड़ देने वाली त्रासदी बन गया है।

देवी-देवताओं से मन्नत मांगने के बाद हुए थे बेटे

मुरैना के जौरा के मूल निवासी और फिलहाल गदाईपुरा में रहने वाले विद्याराम त्यागी और उनकी पत्नी के यहां शादी के 15 साल बाद बेटे लव का जन्म हुआ था। उसके एक साल बाद अमन आया। दोनों भाई 12-13 साल के थे। शनिवार रात दोनों भाइयों की अपने चाचा अशोक त्यागी के साथ शीतला माता मंदिर हादसे में मौत हो गई थी। बेटों को खोने के बाद विद्याराम ने आंसुओं के बीच बताया कि लव के जन्म से पहले उन्होंने 15 साल तक न जाने कितने देवी-देवताओं के स्थान पर जाकर मन्नत मांगी थी। तब कहीं जाकर उनके घर में बेटा हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें इस हादसे का अंदेशा होता तो वे बच्चों और अपने भाई को वहां जाने ही नहीं देते।

naidunia_imageहादसे में दो बेटे और भाई को खोने वाले विधाराम त्यागी को ढांढस बनाते सीएम मोहन यादव। नईदुनिया

नौकरी के सवाल पर बताया दामाद का नाम

सोमवार शाम मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विद्याराम के घर पहुंचे तो वह दोनों के सामने फफक पड़े। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और सहायता राशि देने की बात कही। विद्याराम ने पहले राशि लेने से मना करते हुए कहा कि अब वह इसे किसके लिए लें। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि परिवार में कोई ऐसा है, जिसे नौकरी दी जा सके। इस पर विद्याराम ने अपने दामाद का नाम बताया। मुख्यमंत्री के कहने पर उन्होंने कांपते हाथों से सहायता राशि के लिफाफे लिए।

बहन की आंख और खेल का साथी था हेमंत

गदाईपुरा निवासी जबर सिंह राठौर का 22 वर्षीय बेटा हेमंत बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। वह अपनी 19 वर्षीय जन्म से नेत्रबाधित बहन सिमरन की आंख और सबसे बड़ा सहारा था। हेमंत ही उसे पैरा खेलों की तैयारी कराता और प्रतियोगिताओं में लेकर जाता था। उसकी मदद से सिमरन नेशनल स्तर की स्पर्धाओं तक पहुंची। 26 अक्टूबर को उत्तराखंड में होने वाली प्रतियोगिता के लिए भाई-बहन ने ट्रेन का रिजर्वेशन भी करा लिया था। हेमंत अपनी बहन को विश्वस्तरीय पैरा खिलाड़ी बनाने का सपना देखता था। उसकी मौत से सिमरन का सहारा छिन गया और उसका सपना भी टूट गया। भाई की मौत की खबर के बाद से वह बेसुध है।

मकान गिरवी रखकर बेटे को पढ़ा रहा था पिता

हादसे में 23 वर्षीय पवन राठौर की भी मौत हुई। पिता विद्याराम राठौर ने उसे डाक्टर बनाने के लिए अपना मकान गिरवी रखा था। बटाई पर खेती करने वाले विद्याराम का सपना था कि बेटा पढ़-लिखकर डाक्टर बने। पवन शहर के एक होम्योपैथिक कालेज में पढ़ता था और एक अस्पताल में जाब भी कर रहा था। उसका एक भाई और है, जो पढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि पढ़ाई और बौद्धिक स्तर के मामले में पवन को उदाहरण के तौर पर याद किया जाता था।

पवन, हेमंत और शुभम गए थे मंदिर

पवन राठौर, हेमंत राठौर और शुभम अच्छे मित्र थे। शनिवार रात तीनों बाइक से शीतला माता के दर्शन करने गए थे। दुर्घटनास्थल पर लगे हैंडपंप पर वे नहा रहे थे, तभी बेकाबू ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में शुभम बच गया, हालांकि वह घायल हुआ है।